Report by: Rajeev Mehta, Edit by: Priyanshi Soni
Malewala Corruption: यमुनानगर जिले के मामलीवाला गांव में प्रस्तावित ओवर ब्रिज के निर्माण को लेकर भ्रष्टाचार और लापरवाही की खबरें सामने आई हैं। करीब 6 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से बनने वाले इस ओवर ब्रिज का काम साल 2022 में मंजूरी मिलने के बाद भी शुरू नहीं हुआ है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों की रोजमर्रा की परेशानी बढ़ी
मामलीवाला और आसपास के लगभग 50 गांवों की कनेक्टिविटी इस पुल के न बनने से बाधित हो चुकी है। ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए लंबा और कठिन रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे समय और पैसों की बर्बादी हो रही है।
Malewala Corruption: ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने आरोप लगाए

सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर अरविंदर कौशिक और उनकी टीम के सामने ग्रामीणों ने खुलकर विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद न तो पुल का निर्माण कार्य शुरू किया गया और न ही उन्हें संतोषजनक जवाब दिया गया।
ठेकेदार और अधिकारियों पर मिलीभगत का संदेह
मामलीवाला और टिब्बी गांव के सरपंच ने आरोप लगाया कि साल 2024 में बिना किसी निर्माण कार्य के लगभग 2 करोड़ 3 लाख रुपये ठेकेदार के खाते में ट्रांसफर कर दिए गए। ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार और अधिकारियों की मिलीभगत से यह राशि ट्रांसफर हुई, जो सरकार के “No Tolerance to Corruption” के नारे के विपरीत है।
Malewala Corruption: ग्रामीणों की मांग, उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई
ग्रामीणों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि वर्षों से अटकी परियोजना को जल्द पूरा किया जा सके।
अधिकारियों का कहना: तकनीकी कारणों से देरी
सरस्वती हेरिटेज बोर्ड के SE अरविंदर कौशिक ने बताया कि ओवर ब्रिज निर्माण अभी तक तकनीकी कारणों से शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि ओवर ब्रिज का डिज़ाइन दोबारा तैयार किया जा रहा है और समीक्षा के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
Malewala Corruption: ग्रामीणों की समस्या अभी बनी हुई
हालांकि अधिकारियों ने काम जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया है, लेकिन फिलहाल ग्रामीणों की परेशानी जस की तस बनी हुई है। अब यह देखना होगा कि यह ओवर ब्रिज कार्य कब तक शुरू हो पाता है।





