Report by: Avnish Gupta, Edit by: Priyanshi Soni
Padma Vibhushan: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया जाएगा। गृह मंत्रालय द्वारा जारी 131 नामों की सूची में कोश्यारी का नाम सार्वजनिक जीवन के क्षेत्र में उनके अहम योगदान के लिए शामिल किया गया है।
Padma Vibhushan: जनहित में किए गए कार्यों को मिला राष्ट्रीय सम्मान

गृह मंत्रालय की ओर से जारी सूची के अनुसार, भगत सिंह कोश्यारी को यह सम्मान जनसेवा, संगठनात्मक क्षमता और सार्वजनिक जीवन में लंबे योगदान के लिए दिया गया है। उत्तराखंड की राजनीति में वे ‘भगत दा’ के नाम से लोकप्रिय हैं और कार्यकर्ताओं के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है।
Padma Vibhushan: कपकोट के दूरस्थ गांव से राष्ट्रीय पहचान तक का सफर
भगत सिंह कोश्यारी मूल रूप से जनपद बागेश्वर के कपकोट विकासखंड के दूरस्थ गांव नामती चेताबगड़ (पालनीधुरा) के निवासी हैं। पहाड़ के एक साधारण गांव से निकलकर उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति तक अपनी पहचान बनाई।
Padma Vibhushan: राज्य गठन के बाद निभाई अहम जिम्मेदारियां

उत्तराखंड राज्य गठन के बाद भगत सिंह कोश्यारी सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। इसके बाद वे अंतरिम सरकार में मुख्यमंत्री भी रहे। उन्होंने वर्ष 2002 और 2007 में कपकोट विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने जाने का गौरव हासिल किया।
Padma Vibhushan: बीजेपी संगठन और सदन में निभाई बड़ी भूमिका

कोश्यारी उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वर्ष 2002 के बाद उन्होंने नेता प्रतिपक्ष की भूमिका भी निभाई। इसके अलावा वे उधम सिंह नगर लोकसभा सीट से सांसद भी रह चुके हैं।
Padma Vibhushan: संगठन और कार्यकर्ताओं पर मजबूत पकड़
राजनीतिक गलियारों में भगत सिंह कोश्यारी की पहचान एक ऐसे नेता के रूप में है, जिनकी संगठन और कार्यकर्ताओं पर बेहतरीन पकड़ मानी जाती है। उनके नेतृत्व और अनुभव ने उत्तराखंड की राजनीति को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई।
Padma Vibhushan: उत्तराखंड में खुशी की लहर
पद्म विभूषण सम्मान की घोषणा के बाद उत्तराखंड में खुशी की लहर है। भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने इसे पूरे राज्य के लिए गौरव का क्षण बताया है।





