स्थापना दिवस समारोह का महत्व
Madhya Pradesh भोपाल में शनिवार, 24 जनवरी 2026 को राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने मणिपुर, मेघालय और उत्तर प्रदेश के संयुक्त स्थापना दिवस समारोह में भाग लिया। उन्होंने कहा कि स्थापना दिवस केवल राज्यों के गठन का स्मरण नहीं है, बल्कि यह भारत की संघीय संरचना, सांस्कृतिक समृद्धि और राष्ट्रीय अखंडता का उत्सव भी है। राज्यपाल ने “विविधता में एकता” को भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण धरोहर बताते हुए सभी से “एक भारत–श्रेष्ठ भारत” के संकल्प को अपनाने का आग्रह किया।
सांस्कृतिक और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व
Madhya Pradesh सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से राज्यों की विविधता को प्रदर्शित किया गया। मणिपुर की ओर से “दि गोल्डन लैंड ऑफ लियंगमई” लोक गीत और “थोगल जागोई” लोक नृत्य प्रस्तुत किया गया। मेघालय के पारंपरिक गीत “पोर तमास” और वाद्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उत्तर प्रदेश की प्रस्तुति में छठ पूजा, कजरी, जट-जटिन, रासलीला, होरी और फगुआ जैसे लोक गीतों के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक वैभव को प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही, मणिपुर और मेघालय के राज्यपालों के वीडियो संदेशों का भी प्रसारण किया गया।
राष्ट्रीय एकता और विकास पर संदेश
Madhya Pradesh राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि स्थापना दिवस राज्यों की अस्मिताओं के सम्मान और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने विकास, सुशासन और सामाजिक समरसता को राष्ट्र निर्माण का आधार बताते हुए नागरिकों से सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उत्तर प्रदेश राज्यमंत्री श्री दारा सिंह ने भी उपस्थित लोगों को अपनी संस्कृति से जुड़े रहने और राज्यों की लोक प्रस्तुतियों की सराहना की। इस अवसर पर लोकभवन में मौजूद अधिकारियों और नागरिकों ने कार्यक्रम की सफलता में योगदान दिया।
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