Silver Price: भारतीय वायदा बाजार (MCX) पर चांदी का भाव 3 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर को पार कर गया है। अप्रैल महीने में चांदी 95-96 हजार रुपये प्रति किलो के आसपास थी, जो अब 3,00,532 रुपये के स्तर तक पहुंच चुकी है। यह तेजी सिर्फ सामान्य मांग का नतीजा नहीं है, बल्कि इसके पीछे अमेरिका और यूरोप के बीच आर्थिक तनाव भी है। निवेशक डॉलर छोड़कर सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ रहे हैं।
Silver Price: निवेशकों के लिए मल्टीबैगर प्रदर्शन
पिछले 9 महीनों में चांदी ने अपने निवेशकों को 200% से अधिक रिटर्न दिया है। शेयर बाजार की भाषा में कहें तो यह किसी ‘मल्टीबैगर’ शेयर जैसा प्रदर्शन है। केवल जनवरी महीने में ही चांदी के दाम में करीब 25% की तेजी आई है। इस वजह से चांदी निवेश के लिहाज से बाकी सभी संपत्ति वर्गों जैसे शेयर और प्रॉपर्टी को पीछे छोड़ चुकी है।

ट्रेड वॉर और अमेरिकी नीतियां
बाजार में तेजी की मुख्य वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी योजनाएं हैं। ट्रंप ग्रीनलैंड पर नियंत्रण के लिए कोशिश कर रहे हैं, जबकि यूरोपीय देशों ने इसका विरोध किया। अमेरिका ने फ्रांस, जर्मनी, ब्रिटेन सहित आठ यूरोपीय देशों पर भारी-भरकम आयात शुल्क लगाने की योजना बनाई है। 1 फरवरी से ये शुल्क 10% लागू होंगे और जून तक 25% तक बढ़ सकते हैं।
यूरोप की प्रतिक्रिया
यूनीयेन रिपोर्ट्स के अनुसार फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और अन्य यूरोपीय नेता जवाबी कार्रवाई की तैयारी में हैं। यूरोप अमेरिका के खिलाफ ‘एंटी-कोर्शन इंस्ट्रूमेंट’ का उपयोग कर सकता है, जिसमें अमेरिकी माल पर लगभग 108 अरब डॉलर का जवाबी टैक्स लगाया जा सकता है।

Silver Price: ग्लोबल मार्केट पर असर
इस तनाव का असर ग्लोबल मार्केट पर भी दिख रहा है। सिंगापुर में स्पॉट गोल्ड 1.6% चढ़कर 4,668 डॉलर प्रति औंस और चांदी 93 डॉलर के पार पहुंच गई। प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी धातुओं में भी चमक लौटी है।
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डॉलर पर निवेशकों का भरोसा कम
विश्लेषकों के अनुसार अमेरिका की विदेश नीति और फेडरल रिजर्व पर ट्रंप प्रशासन के लगातार हमलों ने डॉलर पर निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है। इसे बाजार में ‘डिबेसमेंट ट्रेड’ कहा जा रहा है, जहां बढ़ते कर्ज और सरकारी नीतियों की अनिश्चितता के कारण निवेशक सरकारी बॉन्ड और करेंसी से दूर भाग रहे हैं।
Silver Price: भविष्य के रुझान
वर्तमान भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता है, तो आने वाले दिनों में कीमती धातुओं जैसे चांदी और सोने के भाव और भी नए रिकॉर्ड बना सकते हैं। निवेशकों के लिए यह समय सावधानी के साथ-साथ अवसरों का भी है।





