स्टार्ट-अप से मजबूत होती अर्थव्यवस्था
Madhya Pradesh :उद्यमिता और नवाचार ही भारत की ताकत : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादवमुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि उद्यमिता, नवाचार और व्यापार भारतीय संस्कृति और संस्कारों का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। मध्यप्रदेश अवसरों की धरती है, जहां युवा अपनी नई सोच और नवाचार के जरिए देश को दिशा देने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्ट-अप भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुके हैं और एमएसएमई सेक्टर देश की जीडीपी और निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और जल्द ही दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होगा।

स्टार्ट-अप को आर्थिक सहायता और सम्मान
Madhya Pradesh रवीन्द्र भवन में आयोजित दो दिवसीय मध्यप्रदेश स्टार्ट-अप समिट-2026 के दौरान मुख्यमंत्री ने 156 स्टार्ट-अप को 2.5 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन राशि और मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत 21 स्टार्ट-अप को 8.17 करोड़ रुपये से अधिक की ऋण राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। इस अवसर पर सफल और उभरते स्टार्ट-अप के फाउंडर्स और इंक्यूबेटर्स को सम्मानित भी किया गया। समिट में एमएसएमई विभाग और देश-विदेश की प्रमुख संस्थाओं के बीच दीर्घकालिक समझौते हुए, जिससे निवेश, निर्यात और नवाचार को नई गति मिलेगी।

युवाओं के नवाचार से बनेगा आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश
Madhya Pradesh मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के नए विचारों और स्टार्ट-अप को हर स्तर पर सहयोग दे रही है। नई स्टार्ट-अप नीति, इंक्यूबेशन सेंटर, वित्तीय सहायता और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश के युवा रोजगार मांगने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले उद्यमी बन रहे हैं। समिट के दौरान स्टार्ट-अप प्रदर्शनी का शुभारंभ भी किया गया, जहां नवाचारों की झलक देखने को मिली। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और नवाचार के बल पर मध्यप्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।





