somnath swabhiman parv 2026 : जनवरी 1026 में गजनी के महमूद ने सोमनाथ मंदिर पर आक्रमण कर मंदिर को ध्वस्त कर दिया था। वर्ष 2026 में इस आस्था और सभ्यता के महान प्रतीक पर किए गए बर्बर आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे हो रहे हैं। सोमनाथ की इसी एक हज़ार वर्षों की सहनशीलता, पुनरुत्थान और निरंतरता को रेखांकित करने के लिए इस वर्ष को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के रूप में मनाया जाएगा।

somnath swabhiman parv 2026 : 1000 वर्ष के उतार-चढ़ाव के बावजूद यह मंदिर आज भी अपनी भव्यता और गौरव के साथ खड़ा है। यह सोमनाथ को उसके वैभव में पुनः स्थापित करने के निरंतर एवं सामूहिक प्रयासों का प्रतीक है। मंदिर निर्माण के 75 वर्ष भी 2026 में पूरे हो रहे हैं। 11 मई 1951 को, तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद की उपस्थिति में, पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोला गया था।
somnath swabhiman parv 2026 : ॐकार जप, सहस्र संकल्प यात्रा और जनभागीदारी का आह्वान
somnath swabhiman parv 2026 : 1026 का आक्रमण तीन दिन (8, 9 और 10 जनवरी) तक चलता रहा। इस हृदयविदारक आघात को याद करते हुए और सोमनाथ की अखंडता को नमन करते हुए यह तय किया गया है कि 10 जनवरी को देश के सभी शिवालयों में ॐकार मंत्र का जाप किया जाएगा। सभी देशवासी इस जन-अभियान से जुड़ें और इन तीन दिनों में अपने पास के शिवालयों में मंत्र जप में भाग लें, ऐसा उद्देश्य है। साथ ही, सोमनाथ मंदिर की अखंडता को अडिग रखने के लिए प्रार्थना और संकल्प करें।

इसके पश्चात् 11 जनवरी को माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सोमनाथ मंदिर में सहस्र संकल्प यात्रा का आयोजन होगा और वर्ष भर मनाए जाने वाले सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की घोषणा होगी।
somnath swabhiman parv 2026 : उपर्युक्त कार्यक्रमों के प्रभावी एवं व्यापक क्रियान्वयन हेतु पार्टी के सभी पदाधिकारीगण एवं कार्यकर्ता यह सुनिश्चित करें कि 10 जनवरी को देशभर के अधिकतर शिवालयों में जन सहभागिता के साथ पूजा, आरती एवं ॐकार जप का आयोजन किया जाए।
मंडल अध्यक्ष के ऊपर के सभी कार्यकर्ता एवं सभी ब्लॉक पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य, पार्षद, विधायक, विधान परिषद सदस्य की सहभागिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

वॉट्सऐप ग्रुप, कॉल सेंटर एवं ऑडियो ब्रिज (Audio Bridge) के माध्यम से शाम से पहले प्रदेश से नीचे तक सूचना जारी की जानी चाहिए। वरिष्ठ पदाधिकारी एवं वरिष्ठ नेताओं के कार्यक्रम प्रदेश कार्यालय से सुनिश्चित किए जाने चाहिए।





