रिपोर्ट- भुवन सिंह ठठोला
Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपने नैनीताल दौरे के दूसरे दिन गुरुद्वारा पहुंचे, जहां उन्होंने मत्था टेककर श्रद्धा अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कीर्तन सभा में सहभागिता की और गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादों के अद्वितीय बलिदान को नमन किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में कहा कि साहिबजादों का बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने कहा कि यह वह महान परिवार था, जिसने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया, लेकिन किसी भी परिस्थिति में अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि साहिबजादों ने दीवारों में चुना जाना स्वीकार किया, लेकिन धर्म से डिगना स्वीकार नहीं किया।

Uttarakhand News: सीएम धामी ने कहा कि वीर बाल दिवस मनाने का उद्देश्य देश के बच्चों और युवाओं को साहिबजादों के त्याग, शौर्य और बलिदान से परिचित कराना है, ताकि आने वाली पीढ़ी को अपने गौरवशाली इतिहास की जानकारी मिल सके।
उल्लेखनीय है कि वीर बाल दिवस सिखों के दसवें गुरु गुरु गोविंद सिंह जी के छोटे साहिबजादों—साहिबजादा जोरावर सिंह (9 वर्ष) और साहिबजादा फतेह सिंह (7 वर्ष)—की वीरता और शहादत की स्मृति में मनाया जाता है। वर्ष 1705 में सरहिंद में मुगल शासक वज़ीर ख़ान के अत्याचारों के सामने दोनों बालकों ने धर्म और सत्य से समझौता करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उन्हें दीवार में ज़िंदा चुनवा दिया गया।





