Isa Ahmad
REPORT- PRAVIN
10 हजार का इनामिया आरोपी गिरफ्तार
SONBHADRA: सोनभद्र जिले में नशीले कफ सिरप के अवैध कारोबार के खिलाफ चल रही कार्रवाई में एसआईटी और एसओजी की संयुक्त टीम को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने 10 हजार रुपये के इनामिया आरोपी सत्यम कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को कफ सिरप तस्करी के मास्टरमाइंड भोला प्रसाद जायसवाल की निशानदेही पर झारखंड की राजधानी रांची से पकड़ा गया।
जांच में सामने आया है कि इस पूरे नेटवर्क में बिना किसी वास्तविक मेडिकल स्टोर, बिना माल और बिना एक भी कफ सिरप की शीशी की आवाजाही के केवल कागजों पर करोड़ों रुपये का कारोबार दिखाया गया। SIT और SOG की गहन जांच से ड्रग तस्करी के इस बड़े फर्जीवाड़े की कई परतें उजागर हुई हैं।
कस्टडी रिमांड में खुला राज
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक अभिषेक वर्मा ने बताया कि कफ सिरप तस्करी के मास्टरमाइंड भोला प्रसाद जायसवाल को पहले कोलकाता से गिरफ्तार कर सोनभद्र जेल भेजा गया था। इसके बाद न्यायालय के आदेश पर उसे चार दिन की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर रांची ले जाया गया, जहां एसआईटी टीम ने यह जांच की कि अवैध कफ सिरप की सप्लाई किन-किन जगहों पर दिखाई जा रही थी। इसी जांच के आधार पर इनामिया आरोपी सत्यम कुमार की गिरफ्तारी संभव हो सकी।
फर्जी दस्तावेजों के सहारे ड्रग लाइसेंस
जांच में पता चला कि आरोपी सत्यम कुमार ने सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज क्षेत्र में एक किराए का मकान लेकर “माँ कृपा मेडिकल” के नाम से फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र और शपथ पत्र के आधार पर औषधि विभाग से ड्रग लाइसेंस हासिल किया। हालांकि मौके पर कोई मेडिकल स्टोर या दुकान मौजूद नहीं पाई गई। कागजों में रांची (झारखंड) स्थित शैली ट्रेडर्स से लगभग 6 करोड़ रुपये के फेन्साडिल कफ सिरप की खरीद दिखाई गई थी।
कागजों में सप्लाई, बैंक खातों से घुमाई रकम
इसके बाद भदोही जनपद के नई बाजार क्षेत्र में स्थित आयुष इंटरप्राइजेज, सनाया मेडिकल और दिलीप मेडिकल नाम की फर्जी फर्मों को कागजों में सप्लाई दिखाकर बैंक खातों के जरिए करीब 6 करोड़ रुपये की रकम रोटेट कराई गई। जांच में यह साफ हो गया कि न तो कफ सिरप की किसी शीशी का वास्तविक परिवहन हुआ और न ही कहीं भौतिक स्टॉक मिला। पूरा कारोबार फर्जी बिल, फर्जी फर्म और बैंक ट्रांजैक्शन के जरिए संचालित किया जा रहा था।
एक रुपये प्रति शीशी के लालच में करोड़ों का खेल
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि यह फर्जीवाड़ा उसने अपने रिश्तेदारों और अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर किया। प्रति शीशी मात्र एक रुपये के लाभ के लालच में करोड़ों रुपये का कागजी कारोबार खड़ा कर दिया गया। आरोपी के अनुसार, ई-वे बिल भी एयर कार्गो ट्रांसपोर्ट एजेंसी के माध्यम से केवल कागजों में ही तैयार किए जाते थे और उनकी प्रतियां औषधि विभाग को भेज दी जाती थीं।
पहले भी हो चुकी हैं बड़ी बरामदगियां
पुलिस के मुताबिक यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले 18 अक्टूबर 2025 को सोनभद्र में 1 लाख 19 हजार से अधिक कफ सिरप की शीशियां बरामद की गई थीं। 1 नवंबर 2025 को रांची में हजारों अवैध शीशियां पकड़ी गईं, जबकि 3–4 नवंबर की रात सोनभद्र और गाजियाबाद पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में चार ट्रकों से करोड़ों रुपये की कफ सिरप और नकदी बरामद की जा चुकी है।
पुलिस का कहना है कि यह पूरा नेटवर्क 12 करोड़ रुपये से अधिक के ड्रग फर्जीवाड़े से जुड़ा हुआ है। अब इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों, फर्जी फर्म संचालकों और आर्थिक लेन-देन की कड़ियों की गहनता से तलाश की जा रही है।





