BY: Yoganand Shrivastva
ग्वालियर: शादी-विवाह के मौसम के साथ ही सक्रिय होने वाला कथित ‘बच्चा चोर गैंग’ पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। पिछले छह दिनों में इस गैंग ने दो अलग-अलग समारोहों से कुल 41 लाख रुपए मूल्य के गहने और नकदी उड़ा दिए। दोनों घटनाओं में CCTV फुटेज मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद पुलिस अब तक इन बच्चों और उनके साथ दिखने वाले वयस्कों तक नहीं पहुंच पाई है।
पहली वारदात 22 नवंबर को पिंटो पार्क स्थित राज किशोरी गार्डन में हुई, जहां भाजपा नेता की भतीजी और स्कूल संचालिका जागृति भदौरिया के पर्स से लगभग 30 लाख रुपए मूल्य के 25 तौला सोना चोरी कर लिया गया। फुटेज में एक किशोर और एक नाबालिग लड़की साफ दिखाई दी, लेकिन पुलिस आगे की जांच में कोई प्रगति नहीं कर सकी।
दूसरी घटना 27 नवंबर को अभिनंदन वाटिका में रिटायर्ड बीएसएफ अधिकारी भुवनेश सिंह तोमर के बेटे के फलदान कार्यक्रम में हुई। फलदान में मिले 11 लाख रुपए एक कमरे में ताला लगाकर रखे गए थे। CCTV में दिखा कि लगभग 9–10 साल का एक बालक खिड़की से अंदर घुसा, बैग उठाया और भाग निकला। परिवार को कुछ समय बाद चोरी का पता चला, लेकिन पुलिस अब भी सुराग तलाशने में असफल है।
जांच में यह सामने आया कि इन वारदातों में कुछ वयस्क भी शामिल रहते हैं, जो सिर्फ निगरानी का काम करते हैं, जबकि चोरी की मुख्य भूमिका बच्चों को दी जाती है, ताकि पकड़े जाने पर कानूनी कार्रवाई मुश्किल हो। यह गैंग सूट-बूट पहनकर शादियों में ऐसे घुलमिल जाता है कि किसी को शक नहीं होता और वारदात के बाद तुरंत गायब हो जाते हैं।
हर साल शहर में शादियों के दौरान 15 से 17 ऐसे मामले सामने आते हैं, जिनमें डेढ़ से दो करोड़ तक की चोरी होती है, लेकिन अभी तक किसी बड़े गैंग का खुलासा नहीं हो पाया। लगातार CCTV मिलने के बावजूद पुलिस का जांच तंत्र इस गैंग की पहचान और पकड़ में नाकाम रहा है, जिससे यह गैंग हर शादी के सीजन में फिर से सक्रिय होकर वारदात अंजाम दे देता है।





