by: vijay nandan
भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज (सोमवार) से आरंभ हो गया। सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने छिंदवाड़ा कफ सिरप प्रकरण को लेकर कड़ा विरोध जताया। कांग्रेस विधायकों ने सदन में बच्चों के पुतले और ‘पूतना’ के प्रतीकात्मक मॉडल के साथ पहुंचकर सरकार को जिम्मेदार ठहराया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार बच्चों की मौत के लिए स्वयं दोषी है। शून्य काल के दौरान कांग्रेस सदस्यों ने तीखा विरोध किया। विपक्ष ने सत्र की कम अवधि पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब जनहित के मुद्दे उठाने का पर्याप्त समय ही नहीं मिलेगा, तो फिर सत्र बुलाने का उद्देश्य क्या है? कांग्रेस विधायकों ने आसंदी के सामने पहुंचकर नारेबाजी की।

संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि इस पर चर्चा कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में की जा सकती है। अध्यक्ष के निर्देश के बाद कांग्रेस सदस्य अपने स्थान पर लौट आए। चार बैठकों का सत्र, वित्तीय वर्ष 2025-26 का द्वितीय अनुपूरक बजट पेश होगा।
शीतकालीन सत्र में कुल चार बैठकें प्रस्तावित हैं। इसमें राज्य सरकार वित्त वर्ष 2025-26 के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट लेकर आएगी। माना जा रहा है कि बजट का आकार 10 हजार करोड़ रुपये के आसपास हो सकता है। बजट में ऐसी कोई नई योजना शामिल नहीं होगी, जिससे राज्य के खजाने पर अतिरिक्त भार पड़े।
केंद्रीय योजनाओं में राज्यांश, जल जीवन मिशन, भावांतर योजना तथा अधोसंरचना से संबंधित परियोजनाओं के लिए प्रावधान किया जाएगा।
नगरपालिका अध्यक्षों के सीधे चुनाव पर विधेयक
सत्र में नगरपालिका और नगर परिषद अध्यक्षों के सीधे चुनाव से संबंधित संशोधन विधेयक भी प्रस्तुत होगा। वर्ष 2022 में अध्यक्ष का चुनाव पार्षदों के माध्यम से किया गया था, जिसे अब बदलने की तैयारी है। नई व्यवस्था में रिकॉल प्रणाली भी लागू होगी—अविश्वास होने पर राज्य निर्वाचन आयोग ‘खाली कुर्सी–भरी कुर्सी’ का चुनाव कराएगा।
दुकान एवं स्थापना विधेयक में नए प्रावधान
दुकानदारों और कर्मचारियों के हित को ध्यान में रखते हुए दुकान एवं स्थापना संशोधन विधेयक लाया जाएगा। प्रस्तावित प्रावधानों में …
सप्ताह में एक दिन अनिवार्य अवकाश,
दुकान खोलने के लिए गुमास्ता लाइसेंस की फीस 5000 रुपये,
जैसी शर्तें शामिल हो सकती हैं।
चार दिन के सत्र में 1497 सवाल
शीतकालीन सत्र के लिए विधायकों ने कुल 1,497 प्रश्न दर्ज कराए हैं। इसके अलावा 6 स्थगन, 194 ध्यानाकर्षण, 52 शून्यकाल और 14 अशासकीय संकल्प की सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। कांग्रेस ने सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था, एससी-एसटी समुदाय पर अत्याचार, मतदाता सूची के SIR पुनरीक्षण, जल जीवन मिशन में कथित अनियमितताएं, कृषि उपजों के मूल्य और खाद की उपलब्धता जैसे मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाने की तैयारी की है।





