BY: Yoganand Shrivastva
ग्वालियर: पनिहार बरई क्षेत्र से गायब हुए दो नाबालिग बच्चों को पुलिस ने मात्र 48 घंटे में सुरक्षित ढूंढ निकाला। दोनों बच्चे घर से गुजरात जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन इसके बजाय वे भोपाल और दिल्ली घूमने चले गए। ग्वालियर लौटने पर पुलिस ने उन्हें गोला का मंदिर इलाके से बरामद कर लिया और परिवार को सौंप दिया।
28 नवंबर से थे लापता, एसएसपी ने चलाया ऑपरेशन ‘मुस्कान’
दोनों किशोर 27 नवंबर को घर से गायब हो गए थे। सूचना मिलते ही एसएसपी धर्मवीर सिंह ने उनकी तलाश के लिए ऑपरेशन मुस्कान चलाने के आदेश दिए। लगातार सर्चिंग के बाद 48 घंटे के भीतर दोनों को ढूंढ लिया गया।
कैसे गायब हुए दोनों बच्चे?
पनिहार थाना प्रभारी प्रशिक्षु डीएसपी अन्नपूर्णा सिरसाम के अनुसार—
- एक युवक ने शिकायत दी कि उसका 15 वर्षीय बेटा दोपहर लगभग 3 बजे घर से गुजरात जाने की बात कहकर निकल गया था।
- देर शाम तक वापस न आने पर परिजनों ने खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।
- जांच में सामने आया कि उसके बेटे का एक दोस्त — जो मिश्रा मोहल्ला, पनिहार में रहता है और मूल रूप से एंडोरी, भिंड का निवासी है — वह भी उसी दिन गायब था।
- आसपास और रिश्तेदारों में खोजबीन बेनतीजा रही, जिसके बाद पुलिस ने अपहरण की आशंका में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया।
दिल्ली–भोपाल की सैर कर ग्वालियर लौटे
रविवार को पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों लड़के गोला का मंदिर क्षेत्र में एक रिश्तेदार के घर पहुंचे हैं। टीम तुरंत मौके पर पहुँची और उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया।
पूछताछ में दोनों ने बताया—
- वे घर से निकलकर पहले भोपाल गए।
- वहां से दिल्ली पहुंचे और दो दिन तक घूमते रहे।
- बाद में अपनी गलती समझ आने पर ग्वालियर लौट आए।
परिजनों को सौंपे गए बच्चे
पुलिस ने दोनों नाबालिगों की काउंसलिंग कर उन्हें सुरक्षित परिजनों को सौंप दिया है। अधिकारियों ने बताया कि अब मामले की आगे जांच की जाएगी कि बच्चों के जाने में किसी तीसरे व्यक्ति की कोई भूमिका तो नहीं थी।





