Mohit Jain
भारत के स्पेस सेक्टर के लिए आज ऐतिहासिक दिन है। देश का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-I बनकर तैयार हो गया है और इसका अनावरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह 11 बजे करेंगे। यह रॉकेट देश की प्राइवेट स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस ने तैयार किया है।
विक्रम-I: 7 मंजिला ऊंचा प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट

स्काईरूट द्वारा बनाया गया विक्रम-I लगभग 7 मंजिला इमारत की ऊंचाई जितना बड़ा है। यह भारत का पहला ऐसा प्राइवेट रॉकेट है जो पृथ्वी की कक्षा में सैटेलाइट पहुंचाने की क्षमता रखता है।
इससे भारत के स्पेस सेक्टर में निजी कंपनियों की भागीदारी मजबूत होगी और लॉन्चिंग क्षमता बढ़ेगी।
हैदराबाद में स्काईरूट का नया ‘इनफिनिटी कैंपस’ भी होगा शुरू
पीएम मोदी आज ही स्काईरूट के नए इनफिनिटी कैंपस का भी इनॉगरेशन करेंगे।
इस कैंपस में:
• लॉन्च व्हीकल डिजाइन
• डेवलपमेंट
• इंटीग्रेशन
• और टेस्टिंग
सभी गतिविधियां एक ही जगह की जाती हैं।
यह अत्याधुनिक कैंपस हैदराबाद, तेलंगाना में बनाया गया है। कंपनी का हेड ऑफिस भी यहीं है। प्रधानमंत्री इससे वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जुड़ेंगे।

कौन है स्काईरूट एयरोस्पेस?
स्काईरूट की स्थापना 2018 में दो युवा वैज्ञानिकों ने की थी-
• पवन चंदना
• भरत ढाका
दोनों ही IIT पासआउट हैं और ISRO के पूर्व वैज्ञानिक भी रह चुके हैं।
अपनी विशेषज्ञता के दम पर उन्होंने भारत में प्राइवेट स्पेस सेक्टर की नई पहचान बनाई है।
पहले भी लॉन्च कर चुकी है रॉकेट-विक्रम-S
स्काईरूट ने इससे पहले नवंबर 2022 में विक्रम-S रॉकेट लॉन्च किया था।
यह एक सब-ऑर्बिटल रॉकेट था-
• लगभग 100 किमी ऊंचाई तक गया
• पर कक्षा (ऑर्बिट) में प्रवेश नहीं किया
लेकिन यह भारत के प्राइवेट स्पेस सेक्टर की बड़ी उपलब्धि थी, जिसने आगे विक्रम-I के लिए रास्ता तैयार किया।
विक्रम-I का अनावरण भारत के स्पेस मिशनों में निजी क्षेत्र की भागीदारी को नई गति देगा।
आज का दिन भारतीय अंतरिक्ष इतिहास में एक और बड़ा मील का पत्थर बनने जा रहा है।





