BY: Yoganand Shrivastva
इंदौर: क्राइम ब्रांच ने शनिवार को एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को पुलिस आरक्षक बताकर युवती से आरक्षक भर्ती में बिना परीक्षा नौकरी दिलाने का झांसा देकर 6 लाख रुपए वसूले।
युवती ने शिकायत दर्ज कराई और आरोपी के साथ हुई ऑडियो बातचीत तथा व्हाट्सऐप चैट के स्क्रीनशॉट पुलिस को सौंपे। शिकायत मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर कार्रवाई की।
एडिशनल डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश दंडोतिया ने बताया कि देवास की रहने वाली युवती इंदौर में पढ़ाई कर रही थी। उसे एक व्यक्ति ने कॉल कर खुद को पुलिस आरक्षक बताकर कहा कि वह बिना परीक्षा नौकरी दिला सकता है। इसके लिए उसने 6 लाख रुपए की मांग की।
युवती को शक होने पर उसने बातचीत को रिकॉर्ड किया और चैट के स्क्रीनशॉट पुलिस को सौंपे। जांच में पता चला कि आरोपी का नाम अजय पाटीदार, बागली, देवास है। साइबर टीम और तकनीकी सबूतों की मदद से पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया। अजय केवल 10वीं तक पढ़ा है और खेती करता है। वह सोशल मीडिया के माध्यम से युवतियों से दोस्ती करता और खुद को पुलिस आरक्षक बताकर भरोसा जीतता था। इस मामले में उसने युवती से दोस्ती बढ़ाकर यह पता लगाया कि वह प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रही है और फिर उससे ठगी की।
एडिशनल डीसीपी ने बताया कि आरोपी आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पहले भी देवास जिले में गैंबलिंग एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। इसके अलावा आजाद नगर थाना, इंदौर में उस पर रोक भी लगाई गई थी। पुलिस उससे अन्य मामलों की जानकारी जुटा रही है।





