by: vijay nandan
इंदौर: लगातार देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब अपने नाम करने वाले इंदौर में एक ऐसी हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे नगर निगम और शहरवासियों को सकते में डाल दिया है। रविवार को, शहर के सबसे पुराने और सबसे व्यस्त मार्गों में से एक, शास्त्री ब्रिज (Shastri Bridge) का एक हिस्सा अचानक धंस गया। गनीमत यह रही कि यह घटना उस समय हुई जब पुल पर वाहनों की आवाजाही कम थी। अगर यह हादसा पीक आवर के दौरान होता, तो एक बड़ा हादसा हो सकता था और जान-माल का भारी नुकसान संभव था।

सड़क धंसने की वजह जानकर चौंक गई निगम टीम, हादसे की सूचना मिलते ही नगर निगम की टीम जब भराव और मरम्मत कार्य के लिए मौके पर पहुँची, तो सच्चाई सामने आई। सड़क धंसने का कारण सामान्य टूट-फूट नहीं, बल्कि चूहों का व्यापक आतंक था। निगम के कर्मचारियों को धंसे हुए हिस्से के नीचे चूहों के 20 से भी ज़्यादा बिल (सुरंगें) मिले। इन चूहों ने पुल के निचले भराव क्षेत्र की मिट्टी को पूरी तरह से खोखला कर दिया था, जिससे सड़क का आधार कमज़ोर हो गया और वह नीचे धंस गई।
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब इंदौर में चूहों के इस तरह के ‘कारनामे’ सामने आए हों। इससे पहले, एमवाय अस्पताल और एयरपोर्ट जैसी संवेदनशील जगहों पर भी चूहों के आतंक की खबरें सुर्खियाँ बटोर चुकी हैं। लेकिन, अब 100 साल पुराने और महत्वपूर्ण पुल को निशाना बनाने की इस घटना ने शहर के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) की सुरक्षा और स्वच्छता मानकों पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। तकनीकी जाँच और लाखों का मरम्मत कार्य शुरू, घटना की गंभीरता को समझते हुए, नगर निगम के एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर तुरंत मौके पर पहुँचे। उन्होंने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया गया है।

राठौर ने पुष्टि कि पुल की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जीएसआईटीएस (GSITS) के तकनीकी विशेषज्ञों को बुलाकर ब्रिज की गहन तकनीकी जाँच करवाई जाएगी। चूँकि यह पुल काफी पुराना है, इसलिए सिर्फ धंसे हुए हिस्से की मरम्मत पर्याप्त नहीं होगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि पुल को भविष्य में सुरक्षित बनाने के लिए लाखों रुपए की लागत से विस्तृत मरम्मत और संरक्षण कार्य करवाया जाएगा।
देश के सबसे स्वच्छ शहर होने का खिताब रखने वाले इंदौर में चूहों का यह हमला एक असामान्य चुनौती है। यह घटना दर्शाती है कि शहर को अपने बुनियादी ढांचे को सुरक्षित रखने और स्वच्छता के मानकों को बनाए रखने के लिए अब और अधिक गहन निगरानी और स्थायी कीट नियंत्रण समाधान की आवश्यकता है।





