निवेश गुरु और जीक्वांट व फर्स्ट ग्लोबल के संस्थापक शंकर शर्मा ने भारतीय युवाओं को एक अनोखी सलाह दी है। उनका मानना है कि अगर आप एक बेहतरीन निवेशक बनना चाहते हैं, तो देश छोड़कर विदेश चले जाएं। शर्मा का कहना है कि विदेश में कोई भी नौकरी करके, जैसे कि खाड़ी देशों में ड्राइवर की नौकरी जिसमें 75,000 रुपये प्रति माह कमाई होती है, युवा अपनी जानकारी बढ़ाएं और ‘मुक्त पूंजी’ (Uncaged Capital) का लाभ उठाएं।

‘मुक्त पूंजी’ से बदलें अपनी निवेश यात्रा
शंकर शर्मा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी राय साझा करते हुए लिखा, “पिछले 3-4 सालों में कई भारतीय युवाओं ने मुझसे पूछा कि वे शानदार निवेशक कैसे बन सकते हैं। मेरा जवाब है: विदेश जाइए। कोई भी नौकरी करें—यहां तक कि खाड़ी में ड्राइवर की नौकरी भी 75,000 रुपये महीना देती है। साथ में ज्ञान बढ़ाएं। कुछ सालों में आपके पास ज्ञान और मुक्त, चलायमान अमेरिकी डॉलर में पूंजी होगी।”
उन्होंने आगे कहा कि जब आपके पास ज्ञान और पूंजी का यह संयोजन होगा, तो “चमत्कार होगा। आप बाजारों, संपत्तियों और मुद्राओं के बीच आसानी से आवागमन कर सकेंगे। यह एक स्नाइपर की तरह सटीक और आसान होगा।”
भारत में ‘बंद पूंजी’ की चुनौती
शर्मा का मानना है कि भारत में रहने वाले लोग अक्सर ‘बंद पूंजी’ (Caged Capital) से जूझते हैं, जो स्थानीय सीमाओं और भावनात्मक लगाव से बंधी होती है। उन्होंने लिखा, “आप अब ‘बंद पूंजी’ के मालिक नहीं रहेंगे। आप अपने देश से भावनात्मक रूप से बंधे नहीं रहेंगे। आप एक स्वतंत्र शिकारी की तरह होंगे, जो जहां मौका दिखेगा, वहां शिकार करेगा।”
शर्मा ने अपने निजी अनुभव का हवाला देते हुए बताया, “मैंने 1999 से अपनी पूंजी को मुक्त किया था, और यह मेरा सबसे बेहतरीन निवेश निर्णय रहा।”
देश से प्यार, लेकिन पूंजी की आजादी पहले
हालांकि उनकी सलाह कई लोगों को चौंकाने वाली लग सकती है, शर्मा ने स्पष्ट किया कि उनका इरादा भारत को नकारना नहीं है। उन्होंने लिखा, “मुझे अपने देश से प्यार है। लेकिन मुझे अपनी मुक्त पूंजी की आजादी और भी ज्यादा पसंद है, जो मुझे कई देशों से प्यार करने की छूट देती है।”





