BY: Yoganand Shrivastva
सिंगापुर, सिंगापुर में कार्यरत सात भारतीय प्रवासी मजदूरों ने साहस और मानवीय करुणा का परिचय देते हुए एक महिला ड्राइवर की जान बचाई। यह महिला अपनी कार के साथ एक सिंकहोल में गिर गई थी। मजदूरों की इस बहादुरी को देखते हुए सिंगापुर के राष्ट्रपति थर्मन षणमुगारत्नम ने उन्हें राष्ट्रपति भवन इस्ताना में 3 अगस्त को होने वाले ओपन हाउस कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है।
घटना का विवरण
यह हादसा तंजोंग कटोंग रोड साउथ इलाके में हुआ, जहां राष्ट्रीय जल एजेंसी (PUB) की जल निकासी परियोजना के तहत 16 मीटर गहरे शाफ्ट का निर्माण चल रहा था। शाम करीब 5:50 बजे अचानक निर्माण क्षेत्र के नीचे की सड़क धंस गई और एक कार सिंकहोल में समा गई। मौके पर मौजूद सातों भारतीय मजदूरों ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और रस्सियों की मदद से महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
बहादुर मजदूरों के नाम
- पिचाई उदैयप्पन सुबैया (47) – साइट फोरमैन
- वेल्मुरुगन मुथुसामी (27)
- पूमालै सरवनन (28)
- गणेशन वीरेसेकर (32)
- बोस अजीतकुमार (26)
- नारायणसामी मयाकृष्णन (25)
- सथापिल्लै राजेन्द्रन (56)
मिलेगा सम्मान और पुरस्कार
इन सभी मजदूरों को न केवल राष्ट्रपति से मिलने का अवसर मिलेगा, बल्कि उन्हें सम्मानित भी किया जाएगा। प्रवासी मजदूरों की सहायता में लगी संस्था “इट्स रेनिंग रेनकोट्स (IRR)” ने 1,639 दानदाताओं की मदद से ₹44 लाख से अधिक राशि एकत्र की है, जिसे मजदूरों के बैंक खातों में पुरस्कार के रूप में भेजा जाएगा।
राष्ट्रपति और मंत्रालय की सराहना
राष्ट्रपति षणमुगारत्नम ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, “बहादुरी के लिए सलाम! पिचाई सुबैया और उनके साथियों ने जिस तेजी और हिम्मत से काम किया, वह सराहनीय है।”
साथ ही, सिंगापुर के श्रम मंत्रालय (MOM) के ACE समूह ने भी इन मजदूरों को “ACE Coin” से सम्मानित किया है, जो साहस, पहल और सेवा भावना का प्रतीक है।
आगे की योजना
IRR संस्था ने बताया है कि जल्द ही इन बहादुर मजदूरों के साथ एक विशेष मीट एंड ग्रीट कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
इन सात भारतीय मजदूरों की त्वरित सोच और बहादुरी ने एक महिला की जान बचाने के साथ-साथ भारत का नाम भी रोशन किया है। सिंगापुर सरकार और समाज की ओर से मिली यह प्रशंसा इन प्रवासी कामगारों की मानवता और हिम्मत की मिसाल है।





