BY: Yoganand Shrivastva
वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वाराणसी से पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 20वीं किस्त देशभर के किसानों के खातों में ट्रांसफर की। इस बार 9.70 करोड़ से अधिक किसानों को ₹20,843 करोड़ की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए दी गई। इसके साथ ही योजना के तहत अब तक कुल ₹3.90 लाख करोड़ से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है।
क्या है पीएम-किसान योजना?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में की गई थी। इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक सहायता तीन समान किश्तों में दी जाती है। यह सहायता राशि किसानों के आधार-लिंक्ड बैंक खाते में प्रत्यक्ष रूप से ट्रांसफर की जाती है, ताकि किसी तरह की दलाली या भ्रष्टाचार से बचा जा सके।
शिवराज सिंह चौहान का बयान: “किसानों का हित सर्वोपरि”
पटना में आयोजित एक समारोह के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि किसानों को फसल का सही मूल्य दिलाने के लिए MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) को मजबूत किया गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि अब वैज्ञानिक सिर्फ लैब में नहीं बल्कि गांव-गांव जाकर अनुसंधान करेंगे ताकि आधुनिक कृषि तकनीक किसानों तक पहुंचे।
किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा योजना और प्रामाणिक बीज-खाद की उपलब्धता जैसे प्रयासों से किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है।
85% छोटे किसानों को सीधी राहत
भारत में 85 प्रतिशत से अधिक किसान ऐसे हैं जिनके पास दो हेक्टेयर या उससे कम जमीन है। पीएम-किसान योजना इन किसानों के लिए एक वित्तीय सुरक्षा कवच बन चुकी है। बुवाई, कटाई या किसी अन्य कृषि कार्य में आने वाली नकदी की जरूरत को यह योजना समय पर पूरा करती है।
इससे न केवल साहूकारों पर निर्भरता कम हुई है, बल्कि किसानों को सम्मान और आत्मनिर्भरता की भावना भी मिली है।
एआई चैटबॉट से जुड़ी आधुनिक सुविधा
साल 2023 में पीएम-किसान योजना के लिए एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट लॉन्च किया गया था, जो योजना से जुड़ी समस्याओं का समाधान देने वाला पहला एआई-संचालित टूल बना।
यह चैटबॉट भाषिनी और एकस्टेप फाउंडेशन के सहयोग से विकसित किया गया है और यह किसानों को त्वरित, स्पष्ट और सटीक जानकारी प्रदान करता है। इससे योजना को अपनाने और शिकायत निवारण प्रक्रिया को और अधिक सरल और सुलभ बनाया गया है।
डिजिटल इंडिया का एक उदाहरण
पीएम-किसान योजना की सफलता में भारत की मजबूत डिजिटल प्रणाली की अहम भूमिका रही है। बिना किसी बिचौलिये के किसानों के खातों में सीधा पैसा पहुंचाकर यह योजना गवर्नेंस के पारदर्शी मॉडल की मिसाल बन गई है।
इस योजना ने ग्रामीण भारत में वित्तीय समावेशन को नया आयाम दिया है और किसानों की आर्थिक स्थिति में स्थायी सुधार की नींव रखी है।





