मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन झारखंड विधानसभा में आज विश्वासमत हासिल करने में सफल रहे। उनके पक्ष में 45 वोट पड़े। जबकि विपक्ष में शून्य वोट पड़े। बता दें कि जब विश्वासमत के लिए वोटिंग हो रही थी तभी प्रदेश की मुख्य विपक्षी पार्टी बीजेपी के सभी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर गए।
वोटिंग से पहले विश्वासमत प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब हेमंत सोरेन ने दिया। इस दौरान उन्होंने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा। सोरेन की ओर से केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया।
बीजेपी पर लगाया गंभीर आरोप
वहीं हेमंत सोरेन के भाषण के दौरान बीजेपी विधायकों को जमकर हंगामा करते हुए देखा गया। जेएमएम के कार्यकारी अध्यक्ष और प्रदेश मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, “न इनके पास सोच है और न ही एजेंडा है। इनके पास पर केंद्रीय एजेंसियां हैं। जितने विधायक हैं, उसके आधे भी आ जाएं तो बड़ी बात होगी। लोकसभा चुनाव में चेहरा दिखा दिया है, अब बचा है राज्यों का चुनाव। महागठबंधन के साथ मिलकर लड़ा जाएगा और इनको उसमें भी आईना दिखाएंगे। इनका षड्यंत्र नहीं चलने वाला है।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं यहां वैधानिक प्रक्रिया के द्वारा आया हूं। विपक्ष फिर मुझे इस भूमिका में देखकर कैसा लग रहा है, वो उसके आचरण में दिख रहा है। ये केवल राजनीतिक रोटियां सेकने की कोशिश कर रहे हैं।”
चंपई सोरेन का जिक्र
विश्वासमत प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान हेमंत सोरेन ने चंपई सोरेन का आभार जताया। उन्होंने कहा, “मैं चंपई सोरेन का धन्यवाद करूंगा, जिन्होंने निर्भीक होकर सरकार चलाया, सरकार को बचाया। ये लोग (बीजेपी) खरीद-फरोख्त कर रहे थे।” जानकारी के लिए बता दें कि हेमंत सोरेन की गैर मौजूदगी में चंपई सोरेन झारखंड के सीएम बने थे। लेकिन जेल से बाहर आने के बाद चंपई सोरेन ने सीएम पद से इस्तीफा दे दिया था और एक बार फिर हेमंत सोरेन के हाथों में झारखंड की कमान आ गई।
झारखंड में कुल 81 विधानसभा की सीटें
झारखंड में विधानसभा की कुल 81 सीट हैं। वहीं वर्तमान में 76 विधायक हैं। हेमंत सोरेन ने तीन जुलाई को सरकार बनाने का दावा पेश किया था, जिसके बाद सत्तारूढ़ JMM-कांग्रेस-RJD गठबंधन ने राज्यपाल को 44 विधायकों की समर्थन लिस्ट सौंपी थी। इसी को लेकर आज विधानसभा में विश्वासमत हासिल करना था जिसे हेमंत सोरेन की सरकार पास कर चुकी है।