महिला वर्ल्ड कप 2025 का आयोजन भारत और श्रीलंका की मेजबानी में होना तय है, लेकिन बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में होने वाले मुकाबलों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। हाल ही में हुए हादसे और प्रशासनिक देरी के चलते यह प्रतिष्ठित वेन्यू खतरे में है, और अब तिरुवनंतपुरम का ग्रीनफील्ड्स स्टेडियम मजबूत विकल्प के रूप में उभर रहा है।
चिन्नास्वामी स्टेडियम पर संकट क्यों?
- हालिया हादसा: IPL 2025 जीत के बाद RCB के जश्न के दौरान स्टेडियम में भगदड़ मच गई, जिसमें 11 लोगों की मौत और कई लोग घायल हुए।
- सुरक्षा सवाल: घटना के बाद डी कुन्हा आयोग ने स्टेडियम को बड़े आयोजनों के लिए “असुरक्षित” घोषित कर दिया।
- पुलिस मंजूरी में देरी: कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) 10 अगस्त तक पुलिस की मंजूरी नहीं ले सका, जबकि BCCI ने अंतिम तारीख शनिवार तय की थी।
तय कार्यक्रम में बदलाव का खतरा
महिला वर्ल्ड कप 2025 में चिन्नास्वामी स्टेडियम पर कई अहम मुकाबले खेले जाने थे:
- 30 सितंबर: भारत बनाम श्रीलंका (उद्घाटन मैच)
- 3 अक्टूबर: इंग्लैंड बनाम दक्षिण अफ्रीका
- 26 अक्टूबर: भारत बनाम बांग्लादेश
- 30 अक्टूबर: दूसरा सेमीफाइनल
अगर मंजूरी नहीं मिली, तो इन सभी मैचों को तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड्स स्टेडियम में शिफ्ट किया जा सकता है।
ग्रीनफील्ड्स स्टेडियम तैयार, लेकिन चुनौतियां भी
- केरल क्रिकेट संघ (KCA) के अधिकारियों को विश्व कप मैचों की मेजबानी के लिए संपर्क किया गया है।
- ICC के नियमों के अनुसार, टूर्नामेंट शुरू होने से 30 दिन पहले स्टेडियम को आयोजन के लिए सौंपना जरूरी है और इस दौरान कोई अन्य मैच नहीं होना चाहिए।
- फिलहाल ग्रीनफील्ड्स स्टेडियम 21 अगस्त से 7 सितंबर तक केरल क्रिकेट लीग के मैच होस्ट कर रहा है, लेकिन KCA का कहना है कि जरूरत पड़ने पर वे इन मैचों को दूसरी जगह शिफ्ट कर देंगे।
आगे का रास्ता
KSCA ने पुलिस को यह प्रस्ताव दिया है कि वर्ल्ड कप के मैच खाली स्टेडियम में आयोजित किए जाएं ताकि सुरक्षा मानकों का पालन हो सके। हालांकि, अंतिम निर्णय पुलिस और ICC की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
महिला वर्ल्ड कप 2025 के लिए समय कम बचा है और बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम का भविष्य अधर में लटका हुआ है। अगर समय पर मंजूरी नहीं मिली, तो तिरुवनंतपुरम के दर्शकों को बड़े मुकाबले देखने का मौका मिल सकता है।





