Pramod Shrivastav Editorial Head
Women Empowerment : मध्यप्रदेश में नारी सशक्तिकरण को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के साथ मिलकर महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण को प्राथमिकता में रखा है।सरकार का लक्ष्य है कि महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, संतुलित पोषण और जागरूकता के माध्यम से सशक्त बनाया जाए, जिससे वे सामाजिक और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।राज्य में विभिन्न योजनाओं के जरिए गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और किशोरियों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
Women Empowerment : स्वास्थ्य नारी, सशक्त मध्यप्रदेश
मध्यप्रदेश में 7 अप्रैल 2025 को गर्भवती महिलाओं और बच्चों के समग्र, साक्ष्य-आधारित स्वास्थ्य एवं पोषण देखभाल के लिए मातृशिशु संजीवनी अभियान शुरू किया गया है।कुपोषण को खत्म करने के लिए पोषण अभियान को तेज गति से लागू किया जा रहा है, आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषाहार वितरण और नियमित स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित की जा रही है।केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल से महिलाओं को आयरन, फोलिक एसिड, टीकाकरण और प्रसव पूर्व और प्रसव बाद देखभाल की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है।
Women Empowerment : केंद्र-राज्य सरकार की साझेदारी, स्वास्थ्य और पोषण जिम्मेदारी
सरकार का फोकस कुपोषण मुक्त मध्यप्रदेश का लक्ष्य, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी, महिलाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, आत्मनिर्भरता के लिए पोषण और स्वास्थ्य को आधार बनाना है। जाहिर है मध्यप्रदेश सरकार केन्द्र सरकार के साथ मिलकर नारी सशक्तिकरण के लिये महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा और कौशल, वित्तीय समावेशन, गरिमामय जीवन के साथ ही सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में लक्षित सरकारी पहलें समन्वित रूप से कार्य कर वास्तविक परिवर्तन ला रही हैं।जिससे प्रदेश में नारी सशक्तिकरण को नई दिशा मिल रही है, जहां स्वास्थ्य और पोषण को विकास की मजबूत नींव बनाया जा रहा है।
आपको बता दें कि मध्यप्रदेश में कुपोषण के खिलाफ जंग को और तेज करने के लिए 9 से 23 अप्रैल तक 8वां ‘पोषण पखवाड़ा’ मनाया जाएगा। इस दौरान महिलाओं, बच्चों और किशोरियों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।।।
Women Empowerment : प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA)
• वर्ष 2016 में प्रारंभ।
• गर्भावस्था की दूसरी और तीसरी तिमाही में गर्भवती महिलाओं को
• सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निःशुल्क प्रसव पूर्व जांच सेवाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं।
• मध्यप्रदेश में e-PMSMA प्रत्येक माह की 9 और 25 तारीख को राज्य के
• 672 चिन्हित स्वास्थ्य संस्थानों में आयोजित किया जाता है।
• (2016–मार्च 2026) 58.63 लाख गर्भवती महिलाओं की विशेषज्ञ अधिकारियों द्वारा जांच।





