BY: Yoganand Shrivastva
नई दिल्ली: हालांकि भारत और पाकिस्तान के बीच फिलहाल तनाव कम हो गया है, लेकिन एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत द्वारा पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए हमलों के बाद, पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ जवाबी कार्रवाई की योजना बनाई थी। परंतु भारत की सैन्य तैयारियों और सख्त प्रतिक्रिया की आशंका के चलते उसने अंतिम समय पर कदम पीछे खींच लिए।
क्या थी पाकिस्तान की योजना?
भारत की एयरस्ट्राइक के बाद पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में एक बड़ा हवाई हमला करने की तैयारी की थी। इसमें 55 से अधिक लड़ाकू विमान, मिसाइलें और ड्रोन शामिल थे, जिन्हें एक साथ लॉन्च करने की योजना थी। लेकिन जैसे ही यह योजना अमल में लाने की कोशिश हुई, पाकिस्तान के सैन्य सेंसरों ने चेतावनी दी कि भारत के रडार सिस्टम ने इन सभी हथियारों को पहले ही ट्रैक और लॉक कर लिया है। इससे पाकिस्तान को समझ आ गया कि उसका हमला नाकाम हो जाएगा और वह भारी नुकसान झेल सकता है। यही कारण रहा कि उसने पीछे हटने का निर्णय लिया।
तनाव की शुरुआत कैसे हुई?
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई। इस हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादी ठिकानों को नष्ट करने के लिए एक निर्णायक सैन्य कार्रवाई की। भारत के इस कदम से पाकिस्तान बौखला गया और जवाबी कार्रवाई की योजना बनाई, लेकिन भारत की मजबूत एयर डिफेंस प्रणाली के कारण उसकी साजिश सफल नहीं हो पाई।
भारत की कड़ी नीति का असर
भारत ने इस पूरे घटनाक्रम में स्पष्ट कर दिया कि वह आतंकवाद के मामले में बिल्कुल भी नरमी नहीं बरतेगा। सरकार की “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत आतंकवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाए गए। भारत की तेज और निर्णायक कार्रवाई से पाकिस्तान को समझ आ गया कि यदि वह हमला करता है तो उसे मुंह की खानी पड़ेगी।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
भारत की कार्रवाई और पाकिस्तान के कदम पीछे हटाने की जानकारी अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन चुकी है। विशेषज्ञ मान रहे हैं कि भारत की सैन्य ताकत और सख्त नीति के चलते ही पाकिस्तान को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा।





