महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद नतीजों का ऐलान हो चुका है। महाराष्ट्र में महायुति की प्रचंड जीत के बाद अब बीजेपी नेता देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेंगे। बुधवार को सर्वसम्मति से विधायक दल की बैठक में देवेंद्र फडणवीस के नाम पर मुहर लगी। केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में कोई और नाम सामने नहीं आया। 2024 के विधानसभा चुनावों में महायुति की प्रचंड जीत के बाद देवेंद्र फडणवीस ने दिसंबर, 2019 को विधानसभा में दिया गया बयान दिया गया कि, में समंदर हूं लौटकर ज़रूर आऊंगा सुर्खियों में है। महायुति के पक्ष में प्रचंड जनादेश के बाद फडणवीस मुख्यमंत्री की कुर्सी पर वापसी कर रहे है। 22 साल की उम्र में नगर सेवक बने फडणवीस महाराष्ट्र में बीजेपी के सबसे बड़े नेता है।
फडणवीस की ज़िन्दगी के कुछ खास हिस्से।
1. देवेंद्र फडणवीस के बारे में कहा जाता है कि ‘आरएसएस मैन इन बीजेपी’ लेकिन जिस तरह से उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा में कौशल दिखाए हैं इसके बाद लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि, बीजेपी मैन इन आरएसएस। देवेंद्र फडणवीस एक वकील और प्रतिबद्ध आरएसएस सदस्य के रूप में प्रशिक्षित हैं। वह नागपुर दक्षिण पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र से लगातार छह बार जीत चुके हैं। यह उनकी स्थानीय लोकप्रियता का सबूत है।
2. 54 साल के देवेंद्र फडणवीस ने बचपन में इंदिरा कॉन्वेंट में पढ़ाई जारी रखने से इनकार कर दिया था। उन्होंने उस स्कूल को अस्वीकार कर दिया जिसका नाम प्रधानमंत्री के नाम पर रखा गया था। इसके बाद उनके पिता को कैद कर लिया था। बाद में फडणवीस ने सरस्वती विद्यालय में स्थानांतरित होने का फैसला लिया था। इसके बाद आगे चलकर एबीवीपी से जुड़े। बाद में भारत के सबसे अमीर राज्य के मुख्यमंत्री बने। इंदिरा कॉन्वेंट स्कूल न जाने के पीछे की वजह का खुलासा खुद फडणवीस ने किया था। तब उन्होंने कहा था कि वह जब पहली क्लास में पढ़ते थे तब आपातकाल के दौरान इंदिरा जी ने उनके पिता को 2 साल जेल में रखा था।
3. देवेंद्र फडणवीस पांच दिसंबर को राज्य के मुख्यमंत्री की तीसरी बार शपथ लेंगे। वह राज्य में सीएम रहने के बाद डिप्टी सीएम और अब फिर सीएम बनने जा रहे हैं। फडणवीस 27 वर्ष की आयु में नागपुर के सबसे युवा महापौर बने थे।
4. फडणवीस ब्राह्मण होने के बाद मुख्यमंत्री बने और अब दूसरे कार्यकाल के मुख्यमंत्री चुने गए हैं। 2024 के चुनावों में फडणवीस ने आरएसएस के संयुक्त महासचिव अतुल लिमये के साथ मिलकर मतदाताओं से जुड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नारे एक हैं तो सेफ हैं का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल किया। फडणवीस ने मौलाना सज्जाद नोमानी की ‘वोट जिहाद’ टिप्पणी के जवाब में ‘धर्म युद्ध’ को स्लोगन दिया। जो काम कर गया
5. फडणवीस की नेतृत्व शैली ने उन्हें व्यापक सम्मान दिलाया। 2014 में मुख्यमंत्री के रूप में उनका पहला कार्यकाल मराठा आरक्षण मुद्दे जैसी प्रमुख चुनौतियों को संबोधित करने, मुंबई-नागपुर समृद्धि महामार्ग जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को शुरू करने और पुलिस सुधारों की शुरुआत करने के लिए जाना जाता था। फडणवीस ने भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाते हुए सिंचाई घोटाले को उजागर करके अपनी साख को और मजबूत किया। मुंबई मेट्रो, मुंबई कोस्टल रोड, अटल सेतु-मुंबई को न्हावा शेवा से जोड़ने वाला 22 किलोमीटर लंबा पुल-कुछ महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचा परियोजनाएं हैं। जो उनकी दृष्टि थीं।





