ग्रेटर नोएडा में होने वाली महापंचायत के लिए किसानों का जमावड़ा लगना शुरू हो चुका है। धरना स्थल पर टेंट लगाया जा चुका है। गौरतलब है कि, किसानों की गिरफ्तारी के बाद से ही किसान प्रदर्शन की तैयारी कर रहे है। भारतीय किसान यूनियन ने महापंचायत का ऐलान कर दिया है। किसानों का मुद्दा धीरे धीरे पूरे देश में चर्चा का विषय बनता जा रहा है। उत्तरप्रदेश की योगी सरकार ने भी किसानों की मांगों पर गौर करने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। हाल ही में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने भी किसानों के मुद्दे को लेकर गंभीर टिप्पणी दी। धनखड़ ने विपक्ष को लताड़ते हुए कहा कि, ‘घड़ियाली आंसू ना बहाएं’। धनखड़ ने विपक्ष को साफ शब्दों में कहा कि, नारेबाज़ी या मगरमच्छ के आंसू बहाने से किसानों को कोई फायदा नहीं होगा। आप सिर्फ मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं। आप समाधान नहीं चाहते। किसान आपकी अंतिम प्राथमिकता है।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से सवाल
इससे पूर्व में भी उपराष्ट्रपति ने किसानों के मुद्दे पर बात करते हुए एक कार्यक्रम में कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि, ‘कृषि मंत्री जी आपका एक एक पल भारी है। मेरा आपसे आग्रह है कि, भारत के सिद्धांत के तहत दूसरे पद पर विराजमान व्यक्ति आपसे अनुरोध कर रहा है। कृप्या करके मुझे बताइए क्या किसान से वादा किया गया था और किया हुआ वादा क्यों नहीं निभाया गया’। जगदीप धनखड़ ने आगे कहा कि, ‘किसानों से किया गया वादा निभाने के लिए हम क्या कर रहे हैं। पिछले साल भी आंदोलन था और इस वर्ष भी आंदोलन है। काल चक्र घूम रहा है और हम कुछ कर नहीं रहे हैं’।





