BY
Yoganand Shrivastava
Uttarkashi: उत्तराखंड के चार धामों में से एक, पावन गंगोत्री धाम को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया गया है। श्री गंगोत्री मंदिर समिति ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए धाम परिसर में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी है। यह आदेश न केवल मुख्य धाम, बल्कि मां गंगा के शीतकालीन प्रवास स्थल पर भी प्रभावी होगा।
मंदिर समिति की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय
Uttarkashi श्री गंगोत्री मंदिर समिति की रविवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में यह कड़ा फैसला लिया गया। समिति के चेयरमैन सुरेश सेमवाल ने जानकारी दी कि धाम की पवित्रता और धार्मिक मान्यताओं को अक्षुण्ण रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने एक स्वर में इस प्रस्ताव का समर्थन किया। समिति का कहना है कि तीर्थ स्थल की मर्यादा बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है।
शीतकालीन निवास ‘मुखबा’ पर भी लागू होगा आदेश
Uttarkashi वर्तमान में सर्दियों के कारण गंगोत्री धाम के कपाट बंद हैं और मां गंगा की उत्सव मूर्ति उनके शीतकालीन निवास मुखबा गांव में विराजमान है। चेयरमैन सुरेश सेमवाल ने स्पष्ट किया कि प्रवेश पर यह प्रतिबंध केवल गंगोत्री मंदिर तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मुखबा स्थित शीतकालीन मंदिर में भी गैर-हिंदुओं का प्रवेश वर्जित होगा। अप्रैल-मई में जब धाम के कपाट पुनः खुलेंगे, तब वहां भी यह नियम कड़ाई से लागू किया जाएगा।
बद्रीनाथ और केकेदारनाथ में भी उठ सकती है मांग
Uttarkashi गंगोत्री मंदिर समिति के इस निर्णय के बाद अब प्रदेश के अन्य प्रमुख धामों में भी ऐसी ही मांग उठने लगी है। श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के चेयरमैन हेमंत द्विवेदी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आगामी बोर्ड बैठक में इस विषय पर चर्चा की जाएगी। उन्होंने संकेत दिया कि बद्रीनाथ, केदारनाथ और उनके अधीन आने वाले अन्य मंदिरों में भी गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव पेश किया जा सकता है।
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