BY
Yoganand Shrivastava
US -Venezuela Situation: वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी की अमेरिकी हिरासत को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं। चीन ने अमेरिका से दोनों को तत्काल रिहा करने की मांग की है और इस कार्रवाई को गलत ठहराया है।
चीनी विदेश मंत्रालय ने जारी बयान में कहा कि किसी देश के निर्वाचित राष्ट्रपति को जबरन पकड़कर दूसरे देश ले जाना अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है। चीन का कहना है कि वेनेजुएला से जुड़े मुद्दों का समाधान सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि आपसी संवाद और कूटनीति के माध्यम से होना चाहिए।
इस मामले पर अमेरिका के भीतर से भी विरोध की आवाज उठी है। न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे युद्ध जैसी कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल अंतरराष्ट्रीय कानून, बल्कि अमेरिकी कानूनों का भी उल्लंघन है।
बताया जा रहा है कि 2 जनवरी की रात अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला की राजधानी कराकस में कार्रवाई कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को हिरासत में लिया था। इसके बाद दोनों को न्यूयॉर्क लाया गया, जहां फिलहाल उन्हें एक डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।
अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि मादुरो दंपति पर हथियारों और मादक पदार्थों से जुड़े गंभीर आरोप हैं और इन्हीं मामलों में उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया चलाई जाएगी। हालांकि इस कार्रवाई को लेकर वैश्विक स्तर पर अमेरिका की आलोचना लगातार बढ़ती जा रही है।





