नई दिल्ली, 26 जून 2025 — केंद्र सरकार ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक (ED) पंकज द्विवेदी को उनके पद से हटा दिया है। अब उन्हें पंजाब एंड सिंध बैंक में पुनः महाप्रबंधक (General Manager) के पद पर भेज दिया गया है।
क्यों हुआ डिमोशन?
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, पंकज द्विवेदी की नियुक्ति पर दिल्ली हाईकोर्ट में मामला लंबित है। उन पर यह आरोप है कि उनकी ED पद पर नियुक्ति बिना सतर्कता (Vigilance) विभाग की मंजूरी के की गई थी, जो नियमों का उल्लंघन है।
कोर्ट में क्या हुआ था?
- पिछले साल पंकज द्विवेदी की नियुक्ति को लेकर एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई थी।
- अगस्त 2024 में दिल्ली हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र सरकार, केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) और द्विवेदी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
- कोर्ट ने यह सवाल उठाया था कि जब सतर्कता विभाग की मंजूरी नहीं मिली थी, तो नियुक्ति कैसे की गई?
वित्त मंत्रालय ने जारी की अधिसूचना
वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग द्वारा जारी गजट नोटिफिकेशन में कहा गया है:
“27 मार्च 2024 को जारी नियुक्ति आदेश को रद्द किया जाता है। पंकज द्विवेदी को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के ED पद से हटाकर, पंजाब एंड सिंध बैंक में उनके पुराने पद यानी महाप्रबंधक के रूप में भेजा जाता है।”
पृष्ठभूमि
बैंकिंग क्षेत्र में ऐसे मामलों ने एक बार फिर से नियुक्ति प्रक्रिया और सतर्कता मंजूरी की अनिवार्यता पर बहस छेड़ दी है। विशेषज्ञ मानते हैं कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के नियमों का कड़ाई से पालन जरूरी है।
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मुख्य बातें संक्षेप में:
✔ यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के ED पंकज द्विवेदी का डिमोशन
✔ दिल्ली हाईकोर्ट में उनकी नियुक्ति के खिलाफ मामला लंबित
✔ सतर्कता मंजूरी न मिलने पर उठे सवाल
✔ वित्त मंत्रालय ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर हटाया





