कीव। रूस-यूक्रेन युद्ध में बड़ा मोड़ आ सकता है। यूक्रेन ने 30 दिनों के युद्धविराम के लिए अपनी सहमति दे दी है, लेकिन यह रूस की मंजूरी पर निर्भर करेगा। यह निर्णय तब आया जब सऊदी अरब में अमेरिकी और यूक्रेनी अधिकारियों के बीच उच्च स्तरीय वार्ता हुई।
इस बैठक के बाद अमेरिका ने घोषणा की कि वह यूक्रेन को दी जा रही सैन्य सहायता और खुफिया सूचनाओं पर लगी रोक हटाने के लिए तैयार है। यह निर्णय युद्ध को अस्थायी रूप से रोकने और शांति वार्ता की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
तीन साल से जारी है भीषण संघर्ष
रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर पूर्ण पैमाने पर आक्रमण किया था। तब से अब तक यह युद्ध लाखों लोगों के लिए तबाही लेकर आया है। हजारों नागरिक मारे गए, शहरों को बर्बाद कर दिया गया, और लाखों लोगों को अपने घर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा।
हालांकि, बीते कुछ महीनों में अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों ने यूक्रेन को दी जाने वाली सैन्य सहायता में कटौती कर दी थी, जिससे यूक्रेन की स्थिति कमजोर पड़ने लगी थी। अब, यदि युद्धविराम लागू होता है और अमेरिका सैन्य सहायता फिर से शुरू करता है, तो यह यूक्रेन के लिए राहत की खबर हो सकती है।
युद्धविराम लागू होने की संभावना कितनी?
यूक्रेन की सहमति के बाद अब सबकी नजर रूस की प्रतिक्रिया पर है।
अगर रूस भी इस युद्धविराम को स्वीकार करता है, तो यह संघर्ष को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
हालांकि, रूस पहले भी युद्धविराम प्रस्तावों को खारिज करता रहा है, इसलिए इसकी मंजूरी पर संदेह बना हुआ है।
क्या कहती हैं कूटनीतिक जानकारियां?
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस और यूक्रेन दोनों ही इस युद्ध से काफी नुकसान झेल चुके हैं, लेकिन किसी भी पक्ष ने अब तक पीछे हटने के संकेत नहीं दिए हैं। ऐसे में यह युद्धविराम या तो नए शांति वार्ता की नींव रख सकता है या सिर्फ अस्थायी राहत साबित हो सकता है।
अब दुनिया की नजरें इस पर टिकी हैं कि रूस इस प्रस्ताव को स्वीकार करता है या नहीं। अगर युद्धविराम लागू हो जाता है, तो यह युद्ध से जूझ रहे यूक्रेनी नागरिकों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है।





