BY: Yoganand Shrivastva
देहरादून:जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में रह रहे कश्मीरी छात्र तनाव और डर के माहौल में जी रहे हैं। खासकर उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में स्थिति अधिक संवेदनशील हो गई है। यहां एक संगठन ‘हिंदू रक्षा दल’ द्वारा कश्मीरी छात्रों को राज्य छोड़ने की खुली धमकी दी गई है। यह धमकियां सोशल मीडिया पर वीडियो और पोस्ट के माध्यम से सामने आई हैं, जो तेजी से वायरल हो रही हैं।
इन धमकियों के कारण देहरादून में रह रहे कई कश्मीरी छात्र डरे हुए हैं और उन्होंने स्थानीय पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। मामला सामने आते ही पुलिस प्रशासन ने सक्रियता दिखाई और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
पुलिस की प्रतिक्रिया और कार्रवाई
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय सिंह ने कहा कि इस मामले में शिकायतें मिलने के बाद उन्होंने सभी थानों को सतर्क रहने और कश्मीरी छात्रों से नियमित संपर्क बनाए रखने का निर्देश दिया है। पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भड़काऊ और आपत्तिजनक पोस्ट हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। अब तक 24 से अधिक आपत्तिजनक पोस्ट हटाए जा चुके हैं।
एसएसपी सिंह ने बताया कि शहर के जिन इलाकों में कश्मीरी छात्र रहते हैं—चाहे वे कॉलेज होस्टल हों या पेइंग गेस्ट (PG)—वहां के प्रबंधकों को निर्देश दिए गए हैं कि अगर किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या खतरा महसूस हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
कश्मीरी छात्रों से मुलाकात, सुरक्षा का भरोसा
जम्मू-कश्मीर छात्र संघ के संयोजक नसीर खुएहामी ने जानकारी दी कि उन्होंने उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ से संपर्क कर कश्मीरी छात्रों को मिल रही धमकियों और अल्टीमेटम के बारे में जानकारी दी है। खुएहामी ने कहा कि पुलिस ने उन्हें बताया है कि इस मामले में FIR दर्ज की जा चुकी है और संबंधित लोगों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
देहरादून के SSP अजय सिंह ने प्रेमनगर, सुद्धोवाला, नंदा की चौकी और सेलाकुई जैसे इलाकों में जाकर स्वयं कश्मीरी छात्रों से मुलाकात की और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया।
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