BY: Yoganand Shrivastva
मंगलवार रात 8:15 बजे मुख्यमंत्री अचानक पुलिस मुख्यालय पहुँचे और प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में सीएस, डीजीपी, एडीजी इंटेलिजेंस, भोपाल पुलिस कमिश्नर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने रायसेन मामले में अब तक गिरफ्तारी न होने पर गहरी नाराज़गी जताई। वहीं मंडीदीप में हुए चक्का जाम के दौरान पुलिस की ढीली कार्यवाही पर भी उन्होंने असंतोष व्यक्त किया।
भोपाल में लगातार बढ़ रही आपराधिक वारदातों पर मुख्यमंत्री ने पुलिस कमिश्नर से जवाब-तलब किया और सभी घटनाओं की विस्तृत जानकारी लेने के बाद सख्त निर्देश जारी किए।
मुख्यमंत्री के बड़े निर्देश
- एसपी रायसेन को मुख्यालय अटैच करने के आदेश।
- मिसरोद थाना प्रभारी को तत्काल हटाने के निर्देश।
- पुलिस को निर्देश —
- सड़कों पर उतरें,
- किसी अपराधी को न छोड़ें,
- कठोर कार्रवाई करें।
- गश्त और पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश।
- लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त न करने की चेतावनी।
- अधिकारी नियमित निरीक्षण करें, लापरवाह पर तुरंत कार्रवाई हो।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था के साथ समझौता किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा और पुलिस को हर स्तर पर सक्रिय रहना होगा।





