तमिलनाडु के कडलोर जिले से मंगलवार सुबह एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। स्कूल जा रहे बच्चों को ले जा रही एक वैन रेलवे क्रॉसिंग पर पैसेंजर ट्रेन से टकरा गई, जिसमें दो छात्रों की मौके पर ही मौत हो गई और छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा सुबह करीब 7:45 बजे कडलोर और आलप्पक्कम के बीच एक मानवयुक्त रेलवे क्रॉसिंग पर हुआ। यह घटना ना सिर्फ एक दर्दनाक दुर्घटना है, बल्कि रेलवे सुरक्षा प्रोटोकॉल और मानवीय लापरवाही पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।
क्या हुआ हादसे में?
- स्कूल वैन बच्चों को लेकर सुबह स्कूल जा रही थी।
- वैन जैसे ही रेलवे क्रॉसिंग पर पहुंची, तभी एक तेज रफ्तार पैसेंजर ट्रेन से टकरा गई।
- टक्कर इतनी भीषण थी कि दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई।
- छह अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- वैन का ड्राइवर भी घायल हुआ है।
रेलवे गेट खुला था, मौजूद नहीं था कर्मचारी?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के वक्त रेलवे क्रॉसिंग का गेट खुला हुआ था। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उस समय गेटमैन मौजूद था या नहीं। इस बात की जांच की जा रही है कि यह मानवीय भूल थी या सिस्टम फेलियर।
पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने क्या कहा?
कड्डालोर के एसपी जयकुमार ने मीडिया को जानकारी दी:
“स्कूल वैन के ट्रेन से टकराने की इस दुखद घटना में दो बच्चों की मौत हो गई है। दो अन्य छात्र और ड्राइवर घायल हैं। मामले की गहन जांच की जा रही है। रेलवे पुलिस, स्थानीय प्रशासन और रेलवे अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।”
हादसे के बाद सेम्बनकुप्पम रेलवे क्रॉसिंग पर मरम्मत का कार्य जारी है और ट्रैक की सुरक्षा की जांच हो रही है।
बच्चों की सुरक्षा पर सवाल
इस तरह की घटनाएं न सिर्फ अभिभावकों में डर पैदा करती हैं, बल्कि स्कूल और रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारियों पर भी सवाल उठाती हैं:
- क्या स्कूल वैनों की नियमित जांच होती है?
- क्या रेलवे क्रॉसिंग पर पर्याप्त सुरक्षा कर्मचारी तैनात रहते हैं?
- मानवीय गलती से जान जाने की घटनाएं कब रुकेंगी?
लापरवाही की कीमत बच्चों ने चुकाई
तमिलनाडु में हुआ यह हादसा एक बार फिर चेतावनी देता है कि बच्चों की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह समय है कि रेलवे क्रॉसिंग की सुरक्षा व्यवस्था को सख्त और तकनीकी रूप से उन्नत बनाया जाए, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।





