Sun Pharma Investment को लेकर सीएम मोहन यादव और दिलीप सांघवी की अहम बैठक
मुंबई में मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड के कार्यकारी अध्यक्ष दिलीप सांघवी से चर्चा की। होटल द सेंट रेजिस में आयोजित “इंटरैक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश” के दौरान कंपनी के विस्तार और प्रस्तावित नई परियोजनाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ।
Sun Pharma Investment के तहत पीथमपुर परियोजना पर हुई विस्तृत चर्चा
बैठक में पीथमपुर के सेक्टर-7 में प्रस्तावित सन फार्मा की ग्रीनफील्ड परियोजना के लिए भूमि आवंटन, आवश्यक बुनियादी ढांचे, विभिन्न अनुमतियों और निवेश प्रोत्साहन से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। परियोजना के लिए भूमि से जुड़ी स्थानीय स्तर की बाधाओं को दूर करने और संबंधित प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर भी मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
Sun Pharma Investment के लिए दिसंबर 2026 तक इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीथमपुर परियोजना के लिए जल, बिजली और सड़क जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की ओर से दिसंबर 2026 तक आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है, ताकि प्रस्तावित परियोजना के क्रियान्वयन में किसी तरह की बाधा न आए।
Sun Pharma Investment में बड़े सौर ऊर्जा प्रकल्प पर भी फोकस
सन फार्मा की दीर्घकालिक ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए बैठक में बड़े सौर ऊर्जा प्रकल्प को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कंपनी के लिए उपयुक्त भूमि की पहचान और उसके आवंटन में आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया। इसके साथ ही सौर ऊर्जा परियोजना के लिए जरूरी आधारभूत संरचना, अनुमतियों और प्रोत्साहनों को समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने पर भी विचार किया गया।
Sun Pharma Investment के लिए जमीन और शुल्क से जुड़े मुद्दों पर चर्चा
बैठक के दौरान पीथमपुर परियोजना के प्लॉट हस्तांतरण और पुनःपंजीकरण शुल्क में छूट के मुद्दे पर भी बातचीत हुई। इसके अलावा कंपनी का नाम एसपीएलएल से एसपीआईएल करने के लिए सीसीआईपी में आवश्यक संशोधन और परियोजना से जुड़ी अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर चर्चा की गई।
Sun Pharma Investment से पीथमपुर में आएगा ₹3,000 करोड़ का निवेश
सन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने पीथमपुर में करीब ₹3,000 करोड़ के निवेश से ग्रीनफील्ड परियोजना स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। इस परियोजना के तहत भारत, अमेरिका, यूरोप और अन्य प्रमुख बाजारों के लिए दवा फॉर्मुलेशन विनिर्माण सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
Sun Pharma Investment से 1,750 से ज्यादा रोजगार की संभावना
प्रस्तावित पीथमपुर परियोजना से 1,750 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। इनमें करीब 1,250 प्रत्यक्ष और 500 अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल होंगे। इस तरह परियोजना से न केवल मध्यप्रदेश के फार्मा सेक्टर को बढ़ावा मिलने की संभावना है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी विकसित हो सकते हैं।
Sun Pharma Investment से मध्यप्रदेश में फार्मा सेक्टर को मिलेगा विस्तार
सन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज एक भारतीय बहुराष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल कंपनी है, जिसका कारोबार करीब ₹54,543 करोड़ बताया गया है। कंपनी 100 से अधिक देशों में ड्रग फॉर्मुलेशन और एपीआई का निर्माण करती है तथा छह महाद्वीपों में 40 से अधिक विनिर्माण सुविधाओं का संचालन करती है।
मध्यप्रदेश से भी कंपनी का पुराना औद्योगिक जुड़ाव है। सन फार्मा ने वर्ष 1984 में देवास में अपना विनिर्माण संयंत्र स्थापित किया था। प्रदेश में कंपनी के फॉर्मुलेशन और एपीआई संयंत्रों में करीब 3,958 कर्मचारी कार्यरत हैं।
Sun Pharma Investment के तहत रतलाम फार्मा पार्क में भी रुचि
बैठक के दौरान दिलीप सांघवी ने रतलाम में प्रस्तावित फार्मा पार्क में भी कंपनी की रुचि जाहिर की। उन्होंने संकेत दिया कि यदि रतलाम में फार्मा पार्क स्थापित होता है, तो सन फार्मा समूह वहां निवेश की संभावनाओं पर विचार करना चाहेगा। इससे मध्यप्रदेश में फार्मास्यूटिकल उद्योग के विस्तार की संभावनाएं और बढ़ सकती हैं।
Sun Pharma Investment को लेकर सरकार ने दिया सुविधाओं का भरोसा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में फार्मास्यूटिकल और अन्य उच्च मूल्यवर्धित उद्योगों के विस्तार के लिए निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। सरकार की ओर से निवेशकों को भूमि, बिजली, पानी, सड़क, ऊर्जा और आवश्यक अनुमतियां समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
Sun Pharma Investment से पहले निवेशकों की जरूरतों पर सीधा संवाद
मुंबई में आयोजित इस निवेश संवाद का उद्देश्य उद्योग जगत के साथ सीधे संपर्क के जरिए मध्यप्रदेश में उपलब्ध निवेश अवसरों को सामने रखना भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योग जगत को प्रदेश में नए निवेश और मौजूदा कारोबार के विस्तार के लिए आमंत्रित किया। मुंबई में फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर के उद्योगपतियों के साथ संवाद को जनवरी 2027 में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले निवेश संपर्क बढ़ाने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है।


