Delhi सिंगापुर के यिशुन एवेन्यू 3 इलाके में जल्द ही एक नया आध्यात्मिक केंद्र आकार लेने जा रहा है। सिंगापुर सरकार द्वारा जमीन आवंटन के बाद, यहाँ ‘श्री गुरुवायूरप्पन अय्यप्पन मंदिर’ (SGAT) के निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है। यह साल 2006 के बाद सिंगापुर में बनने वाला पहला (और कुल 25वां) हिंदू मंदिर होगा।
Contents

Delhi किन देवताओं को समर्पित होगा मंदिर?
यह मंदिर मुख्य रूप से दो प्रमुख दक्षिण भारतीय देवताओं को समर्पित होगा, जिनके लिए अभी तक सिंगापुर में कोई स्वतंत्र मंदिर नहीं था:

- भगवान गुरुवायूरप्पन: जो भगवान कृष्ण का ही एक बाल रूप माने जाते हैं।
- भगवान अय्यप्पा: केरल के प्रसिद्ध सबरीमला मंदिर के मुख्य आराध्य देव।
- विशेषता: मंदिर में केरल के सबरीमला और गुरुवायूर मंदिर से जुड़े पुजारियों को सेवा के लिए बुलाए जाने की योजना है।
Delhi केरल की पारंपरिक वास्तुकला और डिजाइन
इस मंदिर का निर्माण सामान्य ऊंचे गोपुरम वाले मंदिरों से अलग, पारंपरिक केरल शैली में किया जाएगा:

- प्राकृतिक वेंटिलेशन: डिजाइन को इस तरह तैयार किया गया है कि इसमें प्राकृतिक हवा का प्रवाह बेहतर बना रहे।
- सामंजस्य वृत्त: मंदिर में ‘हार्मनी सर्कल’ (सामंजस्य वृत्त) की अवधारणा शामिल की गई है, ताकि विभिन्न समुदायों के बीच बेहतर समझ और एकता को बढ़ावा मिले।
- सुविधाएं: परिसर में एक बहुउद्देशीय हॉल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए अलग से भवन बनाया जाएगा।
Delhi श्रद्धालुओं के लिए क्यों है खास?
Delhi सिंगापुर के संस्कृति और युवा मामलों के राज्य मंत्री दिनेश वासु दास और गृह मंत्री के. शणमुगम ने इस परियोजना के महत्व पर प्रकाश डाला:
- सबरीमला भक्तों के लिए केंद्र: सबरीमला की यात्रा से पहले किए जाने वाले 41 दिनों के कठिन व्रत और अनुष्ठानों के लिए यह मंदिर एक मुख्य केंद्र बनेगा।
- बुजुर्गों को राहत: सिंगापुर के उत्तरी हिस्से में रहने वाले भारतीयों और बुजुर्ग भक्तों को अब इन देवताओं के दर्शन के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी होगी।
- सर्व-समावेशी: हालांकि यह मलयाली समुदाय की पुरानी मांग थी, लेकिन भगवान कृष्ण और अय्यप्पा के प्रति श्रद्धा रखने वाले तमिल, उत्तर भारतीय और अन्य समुदायों के लिए भी यह उतना ही महत्वपूर्ण होगा।
सिंगापुर में हिंदू मंदिरों का सफर (एक नजर में)
| विवरण | जानकारी |
| नया मंदिर | श्री गुरुवायूरप्पन अय्यप्पन मंदिर (SGAT) |
| स्थान | यिशुन एवेन्यू 3, सिंगापुर |
| निर्माण शुरू | अगस्त या सितंबर 2026 (संभावित) |
| कुल संख्या | यह सिंगापुर का 25वां हिंदू मंदिर होगा |
| पिछला निर्माण | 2006 (अरुल्मिगु वेलमुरुगन ज्ञानमुनिश्वरर मंदिर) |





