प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 साल बाद चीन पहुंचे हैं। वे यहां शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन 2025 में भाग लेने और महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुलाकातों के लिए मौजूद हैं। इस दौरे में उनकी सबसे अहम बैठक चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ हुई, जिस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी रहीं।
पीएम मोदी का 2 दिवसीय चीन दौरा
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 दिवसीय दौरे पर चीन के तिआनजिन शहर में हैं।
- इस दौरान वे SCO समिट में शामिल होंगे, जिसमें 20 से ज्यादा देश भाग ले रहे हैं।
- रविवार को उनकी मुलाकात राष्ट्रपति शी जिनपिंग से हुई और सोमवार को वे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मिलेंगे।
7 साल बाद हुई मोदी-जिनपिंग की मुलाकात
भारत और चीन के बीच रिश्तों में तनाव के बीच यह मुलाकात बेहद अहम मानी जा रही है।
- यह बैठक तिआनजिन के यिंगबिन होटल में करीब 1 घंटे तक चली।
- इसमें भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल भी मौजूद रहे।
- इस मुलाकात को सीमा विवाद और व्यापारिक रिश्तों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi holds a bilateral meeting with Chinese President Xi Jinping in Tianjin, China.
— ANI (@ANI) August 31, 2025
(Source: ANI/DD News) pic.twitter.com/BNRfDkDtCW
पीएम मोदी के प्रमुख बयान
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा:
- “कजान में हमारी पिछली चर्चा ने रिश्तों को सकारात्मक दिशा दी है।”
- “सीमा पर सैनिकों की वापसी के बाद शांति और स्थिरता का माहौल बना है।”
- “कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हुई है, जिससे 2.8 अरब लोग जुड़े हैं और यह पूरी मानवता के लिए लाभकारी है।”
- दोनों देशों के बीच सीधी फ्लाइट शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा गया।
क्यों है यह मुलाकात अहम?
- 7 साल बाद भारत और चीन के शीर्ष नेताओं की मुलाकात हुई है।
- यह ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका ने चीन पर नए टैरिफ लगाए हैं, जिससे भारत-चीन नजदीकियों पर वैश्विक ध्यान है।
- बॉर्डर पर शांति, व्यापारिक सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता इस वार्ता के मुख्य मुद्दे रहे।
प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति जिनपिंग की यह मुलाकात भारत-चीन रिश्तों में नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संवाद एशिया में स्थिरता और सहयोग बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।





