बालोद (छत्तीसगढ़)
आदिवासी विकासखंड डौंडी के ग्राम किशनपुरी से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां शिक्षकों की भारी कमी से परेशान ग्रामीणों ने प्राथमिक विद्यालय में ताला जड़ दिया है। यही नहीं, बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, इसके लिए ग्रामीणों ने स्कूल के बाहर पीपल के पेड़ की छांव में ही कक्षाएं शुरू कर दी हैं।
केवल एक शिक्षक, पांच कक्षाओं की जिम्मेदारी
ग्राम किशनपुरी के इस सरकारी स्कूल में केवल एक शिक्षक पदस्थ है, जिसे पांच अलग-अलग कक्षाओं को पढ़ाना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे बच्चों की पढ़ाई पर गंभीर असर पड़ रहा है। कई बार प्रशासन से शिक्षक उपलब्ध कराने की मांग की गई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं मिला।
स्कूल में ताला, शिक्षा सड़क पर
स्थिति से नाराज होकर गांव के पालकों और ग्रामीणों ने स्कूल में ताला जड़ दिया और बच्चों को पीपल के पेड़ के नीचे पढ़ाना शुरू कर दिया।
ग्रामीणों का कहना है:
“शिक्षा अधिकार है, इसे हम बच्चों से नहीं छीनने देंगे। जब तक अधिकारी गांव नहीं आते और शिक्षक की व्यवस्था नहीं करते, तब तक हम यहीं पढ़ाएंगे।”
संकुल समन्वयक ने की अपील
मामले की जानकारी मिलते ही संकुल समन्वयक मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से स्कूल का ताला खोलकर बच्चों को फिर से भवन में पढ़ाने की अपील की। हालांकि, ग्रामीण अड़े हुए हैं कि जब तक अधिकारी मौके पर नहीं आते और समस्या का स्थायी समाधान नहीं देते, तब तक वे स्कूल का ताला नहीं खोलेंगे।





