राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित श्री सांवलियाजी मंदिर एक बार फिर भक्तों की आस्था और उदारता का साक्षी बना। मंदिर के भंडार और भेंट कक्ष से इस माह की गणना में 28.32 करोड़ रुपये नकद, 1.443 किलो सोना और 204 किलो से ज्यादा चांदी प्राप्त हुई। यह नजारा देखकर मंदिर प्रशासन और श्रद्धालु हैरान रह गए।
6 चरणों में हुई नकदी की गिनती
मंदिर का भंडार चतुर्दशी को ठाकुरजी की राजभोग आरती के बाद खोला गया। गिनती 6 चरणों में पूरी हुई, जिसमें भारी-भरकम नकद राशि निकली।
- पहला चरण: ₹7 करोड़ 15 लाख
- दूसरा चरण: ₹3 करोड़ 35 लाख
- तीसरा चरण: ₹7 करोड़ 63 लाख 25 हजार
- चौथा चरण: ₹3 करोड़
- पांचवां चरण: ₹88 लाख 65 हजार 200
- छठा चरण: ₹20 लाख 85 हजार 877
कुल मिलाकर, भंडार से 22 करोड़ 22 लाख 76 हजार 77 रुपये, 410 ग्राम सोना और 80.5 किलो चांदी प्राप्त हुई।
भेंट कक्ष में भी उमड़ा आस्था का सागर
भक्तों ने केवल भंडार ही नहीं, बल्कि भेंट कक्ष में भी जमकर योगदान दिया।
- नकद और मनी ऑर्डर से 6 करोड़ 9 लाख 69 हजार 478 रुपये
- 1.33 किलो सोना
- 124.4 किलो चांदी
भंडार और भेंट कक्ष की कुल राशि मिलाकर इस माह मंदिर को 28 करोड़ 32 लाख 45 हजार 555 रुपये प्राप्त हुए।
प्रशासन की देखरेख में हुई गिनती
अंतिम चरण की गिनती मंदिर मंडल बोर्ड अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव की अगुवाई में पूरी हुई। इस दौरान नायब तहसीलदार शिवशंकर पारीक, मंदिर मंडल अधिकारी राजेंद्र सिंह, संपदा प्रभारी भेरुगिरी गोस्वामी और सुरक्षा प्रभारी गुलाब सिंह सहित कई अधिकारी और बैंक कर्मचारी मौजूद रहे।
सांवलियाजी मंदिर: राजस्थान का प्रमुख तीर्थ
चित्तौड़गढ़ का श्री सांवलियाजी मंदिर न केवल राजस्थान बल्कि मध्य प्रदेश और गुजरात से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। यहां हर माह और विशेष अवसरों पर भारी संख्या में भक्त पहुंचते हैं और उदारतापूर्वक चढ़ावा चढ़ाते हैं।





