रिपोर्टरः अनमोल श्रीवास्तव- अपडेटः योगानंद श्रीवास्तव
खबर उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से है, जहां “एक राष्ट्र, एक चुनाव” विषय पर आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन के दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने समाजवादी पार्टी पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सपा जानबूझकर दलित समाज को भड़काकर समाज में टकराव की स्थिति पैदा करने का प्रयास कर रही है।
डॉ. दिनेश शर्मा ने सम्मेलन में बोलते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी देश के धार्मिक और सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने की साजिश कर रही है। उन्होंने सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य की राष्ट्रीय महासचिव के रूप में नियुक्ति का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि मौर्य के माध्यम से धार्मिक ग्रंथों और सनातन परंपराओं का अपमान करवाया गया।
डॉ. शर्मा ने यह भी कहा कि सपा ने अबू आजमी से औरंगजेब के पक्ष में बयान दिलवाकर समाज को बांटने की कोशिश की। साथ ही, दलित सांसद रामजीलाल सुमन से राणा सांगा पर टिप्पणी करवाकर दलित और अन्य समुदायों के बीच मतभेद पैदा करने की कोशिश की गई। उन्होंने सपा नेता इंदरजीत सरोज पर भी आरोप लगाया कि उनके माध्यम से देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गईं।
पूर्व डिप्टी सीएम ने चेताया कि इस तरह की बयानबाज़ी को जनता अब बर्दाश्त नहीं करेगी और इसका जवाब भी दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए सपा समाज में जानबूझकर विवाद और भ्रम का माहौल बना रही है ताकि राजनीतिक फायदा उठाया जा सके।
डॉ. शर्मा ने लोगों से अपील की कि वे ऐसे नेताओं से सतर्क रहें जो समाज को बांटकर सत्ता हासिल करना चाहते हैं। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में बुद्धिजीवी, प्रबुद्ध वर्ग और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद थे। डॉ. शर्मा के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में हलचल मच गई है।
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