ब्रिटेन के मैनचेस्टर शहर के सैलफोर्ड इलाके में 11 जून, 2025 की रात को हिंसा और दहशत का माहौल बन गया। करीब 60 नकाबपोश युवकों ने सड़कों पर उत्पात मचाते हुए एक कार को आग के हवाले कर दिया और कई अन्य वाहनों को नुकसान पहुंचाया। इस दौरान पुलिस बल पर भी हमला हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी फैल गई।
यह घटना अमेरिका के लॉस एंजेलिस में जारी हिंसा के बीच सामने आई है, जिसने वैश्विक स्तर पर सामाजिक अशांति को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
क्या हुआ सैलफोर्ड में?
घटना मैनचेस्टर के सैलफोर्ड इलाके के लोअर ब्रॉटन रोड पर हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, लगभग 60 नकाबपोश युवक सड़कों पर इकट्ठा हुए और हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने लगे। उन्होंने एक कार में आग लगा दी और अन्य वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किया।
इस भीड़ ने सड़क को अवरुद्ध कर दिया और मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों पर हमला कर दिया। ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस ने बताया कि एक युवक को पुलिस पर हमले के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस की प्रतिक्रिया और कार्रवाई
ग्रेटर मैनचेस्टर पुलिस (GMP) ने घटना पर बयान जारी करते हुए कहा:
“अधिकारी वर्तमान में सैलफोर्ड के लोअर ब्रॉटन रोड पर गंभीर अव्यवस्था से निपट रहे हैं। इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने एक गिरफ्तारी की है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। एक पुलिस वाहन को भी नुकसान पहुंचाया गया है।”
पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है और इलाके में शांति बहाल करने की कोशिश की जा रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो
घटना से जुड़े कई चौंकाने वाले वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इन वीडियो में नकाबपोश युवक सड़कों पर उत्पात करते, संपत्तियों को नुकसान पहुंचाते और पुलिस के साथ टकराव करते दिख रहे हैं।
प्रशासन ने भीड़ को तितर-बितर करने का आदेश जारी कर दिया है और नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों के अंदर रहें और प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहें।
आगे क्या होगा?
फिलहाल घटना के पीछे की मंशा स्पष्ट नहीं है, लेकिन पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। स्थानीय प्रशासन और समुदाय के नेताओं ने शांति बनाए रखने और पुलिस का सहयोग करने की अपील की है।
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सैलफोर्ड की यह घटना यह दिखाती है कि कैसे हिंसा कुछ ही पलों में पूरे शहर को अपनी चपेट में ले सकती है। जबकि दंगे के पीछे की असल वजह की अभी पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस और प्रशासन स्थिति को काबू में लाने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं।





