सद्दाम हुसैन… नाम सुनते ही जहन में एक तानाशाह की तस्वीर बनती है, जिसने करीब तीन दशक तक इराक पर दहशत और लोहे की मुट्ठी से राज किया। लेकिन कभी खुद को अजेय समझने वाला यह शासक आखिरकार एक छोटे से गड्ढे में छिपा मिला। आज हम जानेंगे उस दिन की पूरी कहानी, जब दुनिया के सबसे ताकतवर तानाशाह को उसके ही खौफ के मकड़जाल में जकड़कर गिरफ्तार कर लिया गया।
सत्ता से खौफ तक: सद्दाम हुसैन की मनोवृति
1980 का दशक। सद्दाम हुसैन का खौफ इराक में सिर चढ़कर बोल रहा था। लेकिन जितना बड़ा उसका साम्राज्य था, उससे बड़ा उसका डर था। एक दिन इराक के तमाम मंत्रालयों के डायरेक्टर जनरल्स को सुबह 8 बजे एक अनजान जगह पर बुलाया गया।
- उन्हें काले शीशों वाली बस में घुमाया गया
- बार-बार बस बदली गई, तलाशी ली गई
- घंटों भूखा-प्यासा रखा गया
- किसी को टॉयलेट तक जाने की इजाजत नहीं
दरअसल, यह सब सद्दाम की परनोइया (Paranoia) का हिस्सा था। उसे हर किसी पर शक था। यही वजह थी कि उसने इराक के कोने-कोने में दर्जनों महल बनवाए, जो असल में किले थे। इन महलों की दीवारें मिसाइल हमले तक झेल सकती थीं।
सद्दाम के डर की हद यहां तक थी कि:
✔ खाने से पहले हर चीज चखाई जाती
✔ उसके जैसे दिखने वाले हमशक्ल तैयार किए जाते
✔ अधिकारियों को मानसिक तौर पर झुका कर रखा जाता
2003: जब अमेरिका ने किया हमला
मार्च 2003 में अमेरिका और उसके सहयोगियों ने इराक पर हमला बोल दिया। वजह बताई गई – इराक के पास ‘Weapons of Mass Destruction’ (WMD) हैं। बाद में यह दावा खोखला निकला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
- अमेरिका ने सद्दाम को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया
- सद्दाम ने इराक छोड़ने से इनकार कर दिया
- खुफिया सूचना मिली कि वह बगदाद के विला कंपाउंड में छिपा है
- बंकर बस्टर बम गिराए गए, लेकिन सद्दाम बच निकला
सद्दाम बचा, क्योंकि उसने 1980 के ईरान युद्ध के समय अजेय बंकर बनवाए थे। बगदाद के मुख्य बंकर की 9 फीट मोटी दीवारें परमाणु हमले को भी झेल सकती थीं।
भागता रहा तानाशाह, ढहता रहा साम्राज्य
हमले के बाद सद्दाम ने अपनी पुरानी रणनीति अपनाई:
- लगातार ठिकाने बदलना
- आम कारों में सफर करना
- यहां तक कि करीबी सलाहकारों को भी नहीं बताना कि वह कहां है
9 अप्रैल 2003 को अमेरिकी फौज ने बगदाद पर कब्जा कर लिया। सद्दाम की मूर्ति गिरा दी गई। उसके रिश्तेदार और समर्थक देश छोड़कर भागने लगे। लेकिन सद्दाम का कोई सुराग नहीं था।
बेटों की मौत, बढ़ी तलाश
21 जुलाई 2003 को अमेरिका को बड़ी कामयाबी मिली। एक विला में छिपे सद्दाम के दोनों बेटे, उदय और कुसे, मारे गए।
इसके बाद:
✔ सद्दाम ने एक ऑडियो टेप जारी कर खुद को ‘जिंदा’ साबित किया
✔ अमेरिका ने 25 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित किया
✔ इराकी जनता में डर की दीवारें धीरे-धीरे टूटने लगीं
कैसे मिला सद्दाम का सुराग?
सद्दाम की तलाश में अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने एक नई रणनीति अपनाई। स्टाफ सार्जेंट एरिक मेडॉक्स ने महसूस किया कि:
➡ पुराने नेता नहीं, बल्कि निजी बॉडीगार्ड्स ही जानते हैं कि सद्दाम कहां है।
मेडॉक्स ने सद्दाम के गृहनगर तिकरित में जांच शुरू की। वहां के एक भरोसेमंद बॉडीगार्ड, मोहम्मद इब्राहिम, तक पहुंच बनाई।
पूछताछ में पता चला:
- मोहम्मद अक्सर समारा शहर के पास तालाब पर जाता था
- सद्दाम को ‘मसगूफ’ मछली बेहद पसंद थी
- तालाब और मछली के सुराग ने अमेरिकी एजेंट्स को आगे बढ़ाया
आखिरकार मोहम्मद पकड़ा गया और उसने बता दिया – सद्दाम अद-दौर गांव में छिपा है।
ऑपरेशन रेड डॉन: सद्दाम की गिरफ्तारी
13 दिसंबर 2003 की रात। अमेरिकी सेना ने अद-दौर गांव को चारों तरफ से घेर लिया। खेतों और झाड़ियों के बीच एक फार्म हाउस में छापा मारा गया। अंदर साधारण सा कमरा, कुछ नोटों की गड्डियां और एक गुप्त सुराग।
फर्श पर छुपा था एक ‘स्पाइडर होल’ — 8 फीट गहरा गड्ढा।
सैनिकों ने ढक्कन हटाया, ग्रेनेड डालने की तैयारी की। तभी, गड्ढे से दो हाथ बाहर आए और एक थका-हारा, बिखरे बालों और सफेद दाढ़ी वाला बुजुर्ग बाहर निकला।
वह बोला,
“मैं सद्दाम हुसैन हूं, इराक का राष्ट्रपति। मैं बातचीत करना चाहता हूं।”
तानाशाह का अंत
सद्दाम को अमेरिकी सेना ने हिरासत में लिया। पूछताछ के बाद उसे इराकी कोर्ट में पेश किया गया।
आरोप:
✔ 148 शिया नागरिकों की हत्या
✔ मानवाधिकार उल्लंघन
✔ सत्ता का दुरुपयोग
फैसला: मौत की सजा।
30 दिसंबर 2006 को तड़के सद्दाम को फांसी दे दी गई। उसी के बनाए महलों में से एक के पास, वही इराक जहां उसका खौफ राज करता था।
निष्कर्ष: जो डरता है, वही गिरता है
सद्दाम हुसैन की गिरफ्तारी और फांसी तानाशाही की उस हकीकत को उजागर करती है, जहां सत्ता के साथ जितना बड़ा डर होता है, पतन भी उतना ही निश्चित होता है।
सद्दाम की कहानी बताती है:
✅ डर से बना साम्राज्य कभी स्थायी नहीं होता
✅ जनता की आवाज दबाई जा सकती है, पर खत्म नहीं
✅ अंत में, तानाशाह भी उसी खौफ में घुटता है, जो वह दूसरों में भरता है
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