BY: Yoganand Shrivastva
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन जल्द ही भारत का दौरा करेंगे। रूस सरकार की ओर से पुष्टि की गई है कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आमंत्रण स्वीकार कर लिया है। यह यात्रा भारत और रूस के संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
भारत-रूस की मजबूत दोस्ती
भारत और रूस के रिश्ते दशकों पुराने हैं, लेकिन पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के नेतृत्व में यह दोस्ती और गहरी हुई है। दोनों नेताओं के बीच हर दो महीने में एक बार बातचीत होती है, जो उनके करीबी संबंधों को दर्शाता है। अब पुतिन भारत आकर इस दोस्ती को और मजबूत करने वाले हैं। हालांकि, उनकी यात्रा की तारीखों की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
रूसी विदेश मंत्री का बड़ा बयान
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन भारत आने की तैयारियां कर रहे हैं। उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान जानकारी दी कि “रूसी राष्ट्रपति ने पीएम मोदी के आमंत्रण को स्वीकार कर लिया है और अब यात्रा की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।”
पीएम मोदी ने रूस यात्रा के दौरान दिया था निमंत्रण
जुलाई 2024 में पीएम नरेंद्र मोदी रूस गए थे, जो पिछले 5 वर्षों में उनकी पहली रूस यात्रा थी। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति पुतिन को भारत आने का न्योता दिया था, जिसे अब रूस ने मंजूरी दे दी है। विदेश मंत्री लावरोव ने कहा कि “पिछली बार मोदी रूस आए थे, अब हमारी बारी है।”
रूस बना रहा नया वैश्विक संगठन
रूस अब भारत, चीन, ईरान और उत्तर कोरिया के साथ एक नया अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की योजना बना रहा है। रूसी विदेश मंत्री ने बताया कि “हम चीन, भारत और अन्य सहयोगी देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत कर रहे हैं।”
पुतिन-मोदी की दोस्ती का नया अध्याय
राष्ट्रपति पुतिन ने इस साल जनवरी में गणतंत्र दिवस पर पीएम मोदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को बधाई संदेश भेजा था, जिसमें उन्होंने भारत-रूस संबंधों को विशेष और रणनीतिक साझेदारी बताया था। दोनों नेताओं के बीच लगातार टेलीफोनिक बातचीत होती है, जो इस दोस्ती को और गहरा बनाती है।
क्या होगा इस दौरे में खास?
➡️ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा होगी।
➡️ रक्षा, व्यापार और ऊर्जा सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर वार्ता होगी।
➡️ ग्लोबल स्तर पर भारत-रूस की साझेदारी को नया आयाम मिलेगा।
अब पूरी दुनिया की नजर इस दौरे पर टिकी है। क्या पुतिन की भारत यात्रा से दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे? आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताइए!





