दक्षिणी रूस के रोस्तोव प्रांत की इकलौती नोवोशाख्तिंस्क ऑयल रिफाइनरी बीते 3 दिनों से आग की चपेट में है। यह आग तब लगी जब यूक्रेन ने यहां ड्रोन हमला किया। यह रिफाइनरी दक्षिणी रूस की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरियों में से एक है और तेल निर्यात के लिए जानी जाती है।
सोशल मीडिया पर आग की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
सभी कर्मचारी सुरक्षित
रोस्तोव प्रांत के कार्यवाहक गवर्नर यूरी स्लीसार ने बताया कि रिफाइनरी में काम करने वाले सभी कर्मचारी सुरक्षित हैं। वहीं, इमरजेंसी सेवाएं मौके पर लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं।
रिफाइनरी की क्षमता
नोवोशाख्तिंस्क ऑयल रिफाइनरी का संचालन मुख्य रूप से तेल निर्यात के लिए किया जाता है।
- इसकी सालाना एक्सपोर्ट कैपेसिटी: 5 मिलियन मीट्रिक टन तेल
- प्रतिदिन उत्पादन क्षमता: 1 लाख बैरल तेल
यूक्रेन के बढ़ते ड्रोन हमले
अगस्त 2025 से यूक्रेन ने रूस की कई ऑयल रिफाइनरीज को निशाना बनाया है। इनमें नोवोकुइबिशेवस्क, सिजरान, रियाजान और वोल्गोग्राड शामिल हैं।
- 10 अगस्त: सारातोव समेत कई रिफाइनरियों पर ड्रोन हमला
- 13 अगस्त: उनेचा पंपिंग स्टेशन पर हमला
- 14 अगस्त: वोल्गोग्राड रिफाइनरी में आग
- 15 अगस्त: समारा की सिजरान रिफाइनरी को निशाना बनाया गया
इसके अलावा क्रास्नोडार, नोवोकुइबिशेवस्क और रियाजान की रिफाइनरीज पर भी हमले हुए। दक्षिणी रूस के सोची स्थित एक ऑयल डिपो में भी आग लग गई थी।
रूस-यूक्रेन युद्ध का ताजा हाल
रूस-यूक्रेन युद्ध फरवरी 2022 से जारी है और हाल के दिनों में इसमें तेजी आई है।
- 15 अगस्त 2025: डोनाल्ड ट्रंप और व्लादिमिर पुतिन की अलास्का में मुलाकात
- 18 अगस्त 2025: यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने व्हाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात की
वहीं, रूस ने दावा किया है कि उसकी सेना ने डोनेट्स्क इलाके के दो गांवों – सेरेड्ने और क्लेबन-बाइक – पर कब्जा कर लिया है।
नोवोशाख्तिंस्क रिफाइनरी पर हुआ हमला और आग रूस-यूक्रेन युद्ध के बढ़ते खतरों को दर्शाता है। ड्रोन हमलों के कारण रूस की तेल सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे वैश्विक तेल बाजार पर भी असर पड़ सकता है।





