BY
Yoganand Shrivastava
Mumbai महाराष्ट्र की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। अशोक खरात (स्वयंभू तांत्रिक) मामले में नाम उछाले जाने और विपक्ष के बढ़ते दबाव के बीच रूपाली चाकणकर ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) की महिला प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले उन्होंने राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से भी त्यागपत्र दे दिया था।

Mumbai सोशल मीडिया पर इस्तीफे की घोषणा और सुनेत्रा पवार से चर्चा
रूपाली चाकणकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के माध्यम से अपने इस्तीफे की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि पार्टी की वरिष्ठ नेता सुनेत्रा पवार से फोन पर हुई चर्चा के बाद उन्होंने यह कदम उठाया है। चाकणकर ने स्पष्ट किया कि वह जांच को प्रभावित नहीं करना चाहतीं और नैतिकता के नाते पद छोड़ रही हैं, हालांकि उन्होंने खुद पर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

Mumbai अशोक खरात मामला: क्या है पूरा विवाद?
यह पूरा विवाद स्वयंभू ज्योतिषाचार्य और तांत्रिक अशोक खरात उर्फ कैप्टन की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुआ। नासिक पुलिस ने खरात को दुष्कर्म और महिलाओं के शोषण के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया है। पुलिस को उसके पास से ऐसी पेन ड्राइव मिली हैं जिनमें कई आपत्तिजनक वीडियो होने का दावा किया जा रहा है। जांच के दौरान कुछ राजनीतिक संपर्कों की बात सामने आने पर विपक्ष ने रूपाली चाकणकर को निशाने पर लिया था।

Mumbai “जांच हो पारदर्शी”: चाकणकर ने दी सफाई
अपने बचाव में रूपाली चाकणकर ने कहा कि खरात के वित्तीय लेन-देन या उसके गलत कार्यों से उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक से मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा, “मैंने पहले दिन ही अपना रुख साफ कर दिया था, लेकिन शुचिता बनाए रखने के लिए मैं पदों से मुक्त हो रही हूँ।”





