PWD MP NEWS : मध्यप्रदेश में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अब निर्माण और सड़क विकास के क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सोच के अनुरूप लोक निर्माण विभाग प्रदेश में आधुनिक, मजबूत और टिकाऊ निर्माण प्रणालियों को लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसी क्रम में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास का दौरा कर 3D प्रिंटिंग आधारित भवन निर्माण तकनीक और सड़क सुरक्षा से जुड़ी आधुनिक प्रणालियों का अवलोकन किया।

इस अध्ययन यात्रा का मुख्य उद्देश्य यह समझना था कि आने वाले समय में प्रदेश की सड़कों, भवनों और सार्वजनिक ढांचे को किस तरह अधिक मजबूत, टिकाऊ और गुणवत्ता-युक्त बनाया जा सकता है। मंत्री श्री सिंह ने कहा कि समय के साथ निर्माण की जरूरतें भी बदल रही हैं और ऐसे में पारंपरिक तरीकों के साथ नई तकनीकों को अपनाना जरूरी हो गया है।
PWD MP NEWS : 3D प्रिंटिंग से होगा तेज और बेहतर निर्माण
लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि 3D प्रिंटिंग तकनीक से भवन निर्माण की रफ्तार कई गुना बढ़ सकती है। जहां सामान्य निर्माण में महीनों लग जाते हैं, वहीं इस तकनीक से कुछ ही दिनों में ढांचे तैयार किए जा सकते हैं। इसमें पहले कंप्यूटर पर भवन का डिजिटल डिजाइन तैयार किया जाता है और फिर मशीन के जरिए कंक्रीट या अन्य सामग्री को परत-दर-परत प्रिंट कर संरचना खड़ी की जाती है।
इस प्रक्रिया में ईंट, शटरिंग और भारी ढलाई की जरूरत बहुत कम हो जाती है, जिससे समय और लागत दोनों की बचत होती है। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता भी बेहतर रहती है। मंत्री ने कहा कि वर्ष 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ कुंभ जैसे बड़े आयोजनों में, जहां सीमित समय में बड़ी संख्या में निर्माण कार्य करने होते हैं, वहां यह तकनीक बेहद उपयोगी साबित हो सकती है।

PWD MP NEWS : आपदा और सार्वजनिक ढांचे में भी मिलेगी मदद
मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि 3D प्रिंटिंग तकनीक आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भी काफी कारगर हो सकती है। बाढ़, भूकंप या अन्य आपदाओं के बाद जब तेजी से आवास, स्कूल, अस्पताल या अन्य जरूरी ढांचे तैयार करने की जरूरत होती है, तब यह तकनीक समय पर समाधान दे सकती है।
डिजिटल डिजाइन आधारित निर्माण से सभी संरचनाओं में एक जैसी गुणवत्ता बनी रहती है और मानवीय गलती की संभावना भी कम होती है। हालांकि मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल यह तकनीक हर तरह के निर्माण का विकल्प नहीं है। इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट, इंजीनियरों की ट्रेनिंग और तकनीकी संस्थानों के साथ समन्वय जरूरी होगा।

PWD MP NEWS : सड़कों को सुरक्षित बनाने पर भी जोर
आईआईटी मद्रास दौरे के दौरान मंत्री जी ने सड़क सुरक्षा से जुड़ी नई तकनीकों का भी अध्ययन किया। उन्होंने बताया कि भविष्य में प्रदेश की सड़कों को सिर्फ मजबूत ही नहीं, बल्कि ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा। सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए डेटा आधारित फैसले, ब्लैक स्पॉट की पहचान और हाइपर-लोकल तकनीकों का उपयोग किया जा सकता है।
आईआईटी मद्रास के विशेषज्ञों के साथ सड़क सुरक्षा, आधुनिक इंजीनियरिंग और तकनीकी नवाचारों पर विस्तृत चर्चा हुई। इन तकनीकों के जरिए यह समझने की कोशिश की गई कि किन स्थानों पर दुर्घटनाएं ज्यादा होती हैं और उन्हें कैसे रोका जा सकता है।

PWD MP NEWS : चरणबद्ध तरीके से लागू होंगी नई तकनीकें
लोक निर्माण मंत्री ने बताया कि इससे पहले भी विभाग गुजरात, तेलंगाना और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में जाकर आधुनिक निर्माण प्रणालियों का अध्ययन कर चुका है। आने वाले समय में अन्य तकनीकी संस्थानों में भी ऐसी अध्ययन यात्राएं की जाएंगी। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों को प्रदेश की जरूरतों के अनुसार चरणबद्ध और सुरक्षित तरीके से लागू किया जाएगा। इसका सीधा फायदा यह होगा कि आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश की सड़कें, पुल और भवन ज्यादा मजबूत, टिकाऊ और लंबे समय तक चलने वाले होंगे।
इस नई पहल के जरिए प्रदेश में विकास कार्यों को तेज गति देने और आम लोगों को बेहतर और सुरक्षित बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार किया जा रहा है। आपको बता दें कि राज्य का सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) लगभग 80,700 किलोमीटर से अधिक लंबी सड़कों का नेटवर्क संचालित करता है, जिसमें राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, ज़िला स्तर की सड़कें तथा अन्य मार्ग शामिल हैं।
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