पुणे रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण लगभग पूरा हो गया है।
जमीन अधिग्रहण और मुआवजा
पुणे महानगरीय क्षेत्र विकास प्राधिकरण (PMRDA) ने 83 किलोमीटर लंबी आंतरिक रिंग रोड परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹14,200 करोड़ है।

पुणे जिला कलेक्टर जितेंद्र दुडी ने घोषणा की कि जो भूमि मालिक लैंड एक्विजिशन एक्ट के तहत स्वेच्छा से अपनी जमीन सरेंडर करेंगे, उन्हें 25% बोनस दिया जाएगा। पहले और दूसरे चरण के लिए अधिग्रहण प्रक्रिया मई तक पूरी होने की उम्मीद है।
परियोजना का दायरा और विशेषताएं
यह आंतरिक रिंग रोड पुणे जिले की दूसरी रिंग रोड होगी, जो महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम लिमिटेड (MSRDC) की बाहरी रिंग रोड के बाद बनेगी। यह परियोजना खेड़, हवेली, मुलशी और मावल तालुकाओं के 44 गांवों को कवर करेगी और इसके लिए कुल 743.41 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता होगी।
परियोजना के प्रमुख बुनियादी ढांचे में शामिल हैं:
- 42 कनेक्टिंग रोड
- 17 पुल
- 10 सुरंगें
- 5 मीटर चौड़ा मेट्रो रेल कॉरिडोर
पहले चरण का फोकस: अहमदनगर रोड पर यातायात कम करना
परियोजना के पहले चरण में सोलू से वाडगांव शिंदे तक का हिस्सा शामिल है, जिसका उद्देश्य अहमदनगर रोड पर यातायात की भीड़ को कम करना है। यह रिंग रोड पुणे-सातारा रोड और अहमदनगर रोड के बीच कनेक्टिविटी को सुगम बनाएगी।
इस आंतरिक रिंग रोड परियोजना से पुणे महानगरीय क्षेत्र में यातायात और शहरी कनेक्टिविटी में काफी सुधार होने की उम्मीद है।
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