BY
Yoganand Shrivastava
Delhi शनिवार को समूचे भारत में ईद-उल-फितर का त्योहार अकीदत और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह की नमाज के बाद जहां मस्जिदों में गले मिलकर भाईचारे का संदेश दिया गया, वहीं देश के शीर्ष नेतृत्व ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं। नेताओं ने इस दिन को शांति, परोपकार और आपसी सद्भाव का प्रतीक बताया।

Delhi राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का संदेश: सेवा और भाईचारे पर जोर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशवासियों को बधाई देते हुए इसे आत्मसंयम और वंचितों के प्रति दया भाव रखने वाला पर्व बताया। उन्होंने नागरिकों से समाज और राष्ट्र को मजबूत बनाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी के उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना करते हुए आशा जताई कि यह दिन चारों ओर भाईचारे और दयालुता की भावना को और अधिक प्रगाढ़ करेगा।

Delhi विपक्ष के नेताओं ने साझा की खुशियां: राहुल और अखिलेश की बधाई
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक विशेष वीडियो संदेश जारी कर देशवासियों को ईद की मुबारकबाद दी। उन्होंने सभी के जीवन में समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना की। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने ‘ईद मिलन’ समारोह की तस्वीरें साझा करते हुए अमन और खुशहाली का संदेश दिया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि ईद का मिलन समाज में शांति का संचार करता है।

Delhi मायावती ने याद दिलाया संवैधानिक अधिकार
बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने शुभकामना संदेश में इबादत के महीने रमजान के समापन पर सभी मुस्लिम परिवारों को बधाई दी। उन्होंने विशेष रूप से बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा दिए गए भारतीय संविधान का जिक्र करते हुए कहा कि संविधान ने सभी नागरिकों को जिस अच्छी जिंदगी की गारंटी दी है, वह सभी को प्राप्त हो। उन्होंने लोगों से आपसी मेलजोल और सहनशीलता की परंपरा को बनाए रखने की अपील की।

Read this: Mathura में भीषण सड़क हादसा: ‘फरसा वाले बाबा’ की मौत के बाद हाईवे पर बवाल, पथराव और जाम





