PM Modi Tax Reforms : 12 साल में टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव
PM Modi Tax Reforms : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों के दौरान देश की कर व्यवस्था में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए। इन बदलावों का उद्देश्य टैक्स प्रक्रिया को सरल बनाना, डिजिटल बनाना और आम करदाताओं के लिए अधिक पारदर्शी बनाना रहा। नए कानून, फेसलेस असेसमेंट, न्यू टैक्स रिजीम और बढ़ी हुई टैक्स छूट जैसे फैसलों ने नौकरीपेशा, मध्यम वर्ग और व्यापारियों को सीधे प्रभावित किया है।

PM Modi Tax Reforms : नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 बना सबसे बड़ा सुधार
सरकार ने 1961 के पुराने इनकम टैक्स कानून की जगह 1 अप्रैल 2026 से नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू किया। इस नए कानून में जटिल प्रावधानों और कठिन कानूनी भाषा को सरल बनाया गया है, जिससे आम करदाता भी अपने टैक्स नियमों को आसानी से समझ सके।इस बदलाव का उद्देश्य टैक्स प्रणाली को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और आसान बनाना है।
PM Modi Tax Reforms : न्यू टैक्स रिजीम से बढ़ी सुविधा
मोदी सरकार ने न्यू टैक्स रिजीम को प्रमुख टैक्स व्यवस्था के रूप में स्थापित किया। इस व्यवस्था में टैक्सपेयर्स को एलआईसी, पीपीएफ या अन्य निवेशों के दस्तावेज संभालने की अनिवार्यता से राहत मिली है।कम टैक्स स्लैब और सरल प्रक्रिया के कारण मध्यम वर्ग के लोगों के हाथ में अधिक नकदी बच रही है, जिससे उनकी वित्तीय योजना पहले से आसान हो गई है।
PM Modi Tax Reforms : ₹12 लाख तक की आय पर बड़ी राहत
पिछले वर्षों की तुलना में टैक्स छूट की सीमा में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जहां पहले ढाई से तीन लाख रुपये की आय पर टैक्स की गणना शुरू हो जाती थी, वहीं अब नई व्यवस्था में कई नौकरीपेशा लोगों के लिए लगभग ₹12 लाख तक की वार्षिक आय प्रभावी रूप से टैक्स-फ्री हो सकती है।इस कदम का उद्देश्य मध्यम वर्ग को आर्थिक राहत देना और उनकी क्रय शक्ति बढ़ाना है।
PM Modi Tax Reforms : स्टैंडर्ड डिडक्शन से सैलरीड क्लास को फायदा
सरकार ने वेतनभोगी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन की व्यवस्था को मजबूत किया है। न्यू टैक्स रिजीम के तहत ₹75,000 तक का स्टैंडर्ड डिडक्शन मिलने से टैक्स योग्य आय कम हो जाती है, जिससे कुल टैक्स देनदारी भी घटती है।इसका लाभ लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिल रहा है।
PM Modi Tax Reforms : फेसलेस असेसमेंट से खत्म हुए दफ्तरों के चक्कर
इनकम टैक्स विभाग में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए फेसलेस असेसमेंट और फेसलेस अपील प्रणाली लागू की गई। अब टैक्स स्क्रूटनी और विवादों की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन हो गई है।
- आयकर कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की जरूरत नहीं होती।
- केस का चयन और अधिकारी का आवंटन सॉफ्टवेयर के माध्यम से स्वतः होता है।
- डिजिटल प्रक्रिया से पारदर्शिता बढ़ी है और मानवीय हस्तक्षेप कम हुआ है।
PM Modi Tax Reforms : टैक्सपेयर्स के लिए क्या बदला?
बीते 12 वर्षों में टैक्स व्यवस्था में किए गए सुधारों ने करदाताओं को सरल कानून, डिजिटल सेवाएं, बढ़ी हुई टैक्स राहत और कम कागजी प्रक्रिया जैसी सुविधाएं दी हैं। नए इनकम टैक्स कानून, न्यू टैक्स रिजीम, स्टैंडर्ड डिडक्शन और फेसलेस असेसमेंट जैसे कदमों ने टैक्स भुगतान को पहले की तुलना में अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
read more : Milk Digestion Tips : दूध के सेवन से बच्चों का भी पाचन हो रहा कमजोर, बाबा रामदेव से जानें कैसे बढ़ाएं Digestion क्षमता?

