PM Modi 25 Years में मुख्यमंत्री से प्रधानमंत्री तक का सफर
नरेंद्र मोदी ने सरकार के मुखिया के तौर पर 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं। 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुआ उनका राजनीतिक सफर वर्ष 2014 में देश के प्रधानमंत्री बनने तक पहुंचा। इसके बाद लगातार तीन लोकसभा चुनावों में भाजपा को बहुमत मिला और नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व करते रहे।
25 वर्षों के इस सफर में गुजरात की राजनीति से लेकर दिल्ली की सत्ता तक कई बड़े फैसले, योजनाएं और नीतिगत बदलाव देखने को मिले। अब उनके सामने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में इसी संकल्प को ‘वी विल डू इट’ के संदेश के साथ सामने रखा।
PM Modi 25 Years में गुजरात मॉडल से राष्ट्रीय राजनीति तक
नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल के दौरान गुजरात के विकास मॉडल की चर्चा राष्ट्रीय राजनीति में हुई। आर्थिक विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर गुजरात में किए गए प्रयोगों को बाद में उनके राष्ट्रीय राजनीतिक एजेंडे का भी हिस्सा माना गया।
वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद विकास का यह एजेंडा राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा। केंद्र सरकार ने अर्थव्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल तकनीक, मैन्युफैक्चरिंग, सामाजिक कल्याण और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में कई बड़े फैसले किए।
PM Modi 25 Years में जनधन से डिजिटल इंडिया तक बदलाव
प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी के शुरुआती बड़े अभियानों में प्रधानमंत्री जनधन योजना और स्वच्छ भारत मिशन शामिल रहे। जनधन योजना के जरिए बैंकिंग व्यवस्था से वंचित लोगों को औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जोड़ने की कोशिश की गई, जबकि स्वच्छ भारत मिशन ने स्वच्छता को राष्ट्रीय अभियान का स्वरूप दिया।
इसके साथ ही डिजिटल इंडिया, आधार और मोबाइल आधारित सरकारी सेवाओं तथा UPI जैसे डिजिटल भुगतान माध्यमों ने आम लोगों और सरकारी व्यवस्था के बीच संपर्क को बदलने में भूमिका निभाई। डिजिटल भुगतान भारत की अर्थव्यवस्था और रोजमर्रा के लेन-देन का महत्वपूर्ण हिस्सा बना।
PM Modi 25 Years में नोटबंदी और GST जैसे बड़े फैसले
नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2016 में नोटबंदी और 2017 में GST जैसे बड़े आर्थिक फैसले लिए गए। नोटबंदी के पीछे सरकार ने काले धन, नकली मुद्रा और आतंक के वित्तपोषण पर कार्रवाई जैसे उद्देश्यों को बताया था।
वहीं GST के जरिए कई अप्रत्यक्ष करों को एक व्यापक कर व्यवस्था में लाया गया। यह देश के सबसे बड़े कर सुधारों में से एक रहा। इन फैसलों को लेकर समर्थन और आलोचना दोनों देखने को मिली और इनका आर्थिक तथा राजनीतिक प्रभाव लंबे समय तक चर्चा में रहा।
PM Modi 25 Years में गरीब कल्याण और स्वास्थ्य पर जोर
केंद्र सरकार ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए कई योजनाएं शुरू कीं। आयुष्मान भारत के जरिए बड़े स्तर पर स्वास्थ्य सुरक्षा कवरेज उपलब्ध कराने की पहल की गई। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, हर घर जल और अन्य योजनाओं के माध्यम से बुनियादी सुविधाओं को गरीब परिवारों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
कोरोना महामारी के दौरान लॉकडाउन के साथ गरीब कल्याण पैकेज, मुफ्त खाद्यान्न और बड़े स्तर पर कोविड वैक्सीनेशन अभियान भी सरकार के प्रमुख फैसलों में शामिल रहे।
PM Modi 25 Years में राष्ट्रीय सुरक्षा पर बड़े फैसले
नरेंद्र मोदी सरकार के कार्यकाल में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले हुए। वर्ष 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 में बालाकोट एयर स्ट्राइक को आतंकवाद के खिलाफ भारत की सैन्य कार्रवाई के प्रमुख उदाहरणों के तौर पर पेश किया गया।
वर्ष 2019 में अनुच्छेद 370 में बदलाव और जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन का फैसला भी मोदी सरकार के सबसे बड़े संवैधानिक फैसलों में शामिल रहा। सरकार ने इसे राष्ट्रीय एकीकरण और जम्मू-कश्मीर के विकास से जोड़ा, जबकि विपक्ष ने इस फैसले को लेकर अलग-अलग आपत्तियां उठाईं।
PM Modi 25 Years में तीन तलाक और CAA जैसे कानून
मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में तीन तलाक कानून और नागरिकता संशोधन कानून यानी CAA जैसे महत्वपूर्ण कानून भी बने। तीन तलाक को लेकर मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का मुद्दा प्रमुख रहा।
CAA के प्रावधानों और उसके प्रभाव को लेकर देश में व्यापक राजनीतिक और सामाजिक बहस हुई। सरकार और विपक्ष ने इस कानून को लेकर अलग-अलग दृष्टिकोण सामने रखे।
PM Modi 25 Years में आत्मनिर्भर भारत और नई शिक्षा नीति
कोरोना महामारी के दौर में वर्ष 2020 में आत्मनिर्भर भारत अभियान शुरू किया गया। इसके तहत घरेलू उत्पादन, सप्लाई चेन, रक्षा निर्माण और रणनीतिक क्षेत्रों में देश की आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
इसी वर्ष नई शिक्षा नीति भी लाई गई। इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव करते हुए स्कूली और उच्च शिक्षा के ढांचे को नए तरीके से विकसित करना था।
PM Modi 25 Years में कृषि कानून और फिर वापसी
वर्ष 2020 में केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र में तीन नए कानून लागू किए। इन कानूनों के खिलाफ किसानों का लंबा आंदोलन चला। आंदोलन और राजनीतिक विरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2021 में इन तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की।
यह फैसला मोदी सरकार के कार्यकाल में ऐसा उदाहरण रहा, जब बड़े नीतिगत निर्णय के बाद व्यापक विरोध के बीच सरकार को अपना फैसला वापस लेना पड़ा।
PM Modi 25 Years में G20 से वैश्विक मंच पर भारत
भारत ने वर्ष 2022-23 में G20 की अध्यक्षता की। नई दिल्ली में G20 शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ और भारत ने वैश्विक अर्थव्यवस्था, विकास और कूटनीतिक मुद्दों पर अपनी भूमिका को प्रमुखता से सामने रखा।
मोदी सरकार के दौरान भारत की विदेश नीति में भी सक्रियता बढ़ी। वैश्विक मंचों पर भारत की भूमिका, रणनीतिक साझेदारी और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
PM Modi 25 Years में महिला आरक्षण से नए आपराधिक कानून तक
वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया गया, जिसमें लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का संवैधानिक प्रावधान किया गया।
इसके अलावा पुराने आपराधिक कानूनों में बदलाव करते हुए भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लाए गए। इन कानूनों ने IPC, CrPC और Evidence Act की जगह ली।
PM Modi 25 Years में राम मंदिर और सांस्कृतिक मुद्दे
अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा वर्ष 2024 में हुई। यह घटना देश के राजनीतिक और सांस्कृतिक विमर्श में महत्वपूर्ण रही। मोदी सरकार के कार्यकाल में राम मंदिर के निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा को प्रमुख उपलब्धियों में गिना गया।
PM Modi 25 Years में स्पेस, स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी पर फोकस
मोदी सरकार के दौरान अंतरिक्ष क्षेत्र, स्टार्टअप, सेमीकंडक्टर, क्वांटम टेक्नोलॉजी और नई तकनीकों पर भी जोर बढ़ा। चंद्रयान मिशन की उपलब्धियों ने भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को वैश्विक स्तर पर चर्चा में रखा।
स्टार्टअप इकोसिस्टम के विस्तार और नई तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने कई नीतिगत पहल कीं। सरकार के अनुसार देश में पंजीकृत स्टार्टअप की संख्या 2 लाख से अधिक हो चुकी है।
PM Modi 25 Years में विकसित भारत 2047 का अगला लक्ष्य
सरकार के मौजूदा एजेंडे में अब 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य सबसे प्रमुख है। अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ाने से लेकर इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, तकनीक, रोजगार और सामाजिक विकास तक अलग-अलग नीतियों को इस दीर्घकालिक लक्ष्य से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन को याद करते हुए कहा कि जब तक भारत विकसित नहीं होता, तब तक न थकेंगे और न रुकेंगे। ‘वी विल डू इट’ का संदेश इसी लक्ष्य के साथ जोड़ा गया है।
PM Modi 25 Years पर उपलब्धियों के साथ विपक्ष के सवाल भी
नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के राजनीतिक सफर को भाजपा नेता उपलब्धियों और बड़े बदलावों से भरा अध्याय बताते हैं। उनके मुताबिक जनकल्याणकारी योजनाओं, डिजिटल क्रांति, इंफ्रास्ट्रक्चर, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका को मजबूत करने की दिशा में बड़े कदम उठाए गए।
वहीं विपक्ष मोदी सरकार के कई फैसलों और नीतियों पर लगातार सवाल उठाता रहा है। नोटबंदी, GST, कृषि कानून, बेरोजगारी, महंगाई और अलग-अलग संवैधानिक तथा राजनीतिक मुद्दों को लेकर विपक्ष की अपनी आपत्तियां रही हैं।
फिलहाल 25 वर्षों की राजनीतिक यात्रा के बाद नरेंद्र मोदी के सामने अगली बड़ी चुनौती 2047 का विकसित भारत है। अब सवाल यही है कि अगले 21 वर्षों में भारत इस लक्ष्य तक कितनी तेजी से पहुंचता है और मोदी सरकार की वर्तमान नीतियां इस लंबे विजन को किस तरह आकार देती हैं।


