BY: MOHIT JAIN
क्वेटा से पेशावर जा रही जफर एक्सप्रेस ट्रेन पर मंगलवार को सुल्तानकोट इलाके के पास धमाका हुआ। धमाके में 7 लोग घायल हुए और कम से कम छह डिब्बे पटरी से उतर गए। शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, यह धमाका रेलवे ट्रैक पर रखे इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) के कारण हुआ।
बलूच विद्रोही समूह ने ली जिम्मेदारी

बलूच रिपब्लिक गार्ड्स (BRG) ने हमले की जिम्मेदारी ली और कहा कि ट्रेन को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि पाकिस्तानी सेना के जवान ट्रेन में सवार थे। BRG ने बयान में कहा कि “ऐसे हमले बलूचिस्तान की आज़ादी तक जारी रहेंगे।”
राहत कार्य और स्थिति
घटनास्थल पर राहत दल और सुरक्षा बल तुरंत पहुंच गए और घायल यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो में कई घायल दिखाई दिए हैं, लेकिन अभी तक किसी की मृत्यु की पुष्टि नहीं हुई है।
जफर एक्सप्रेस पर पहले भी हो चुके हमले

जफर एक्सप्रेस ट्रेन हाल के महीनों में कई बार हमलों का शिकार हो चुकी है। मार्च में ट्रेन को हाइजैक किया गया था, जिसमें 21 यात्रियों और चार सुरक्षा कर्मियों की मौत हुई थी।
- अगस्त 10 को IED ब्लास्ट से छह डिब्बे पटरी से उतर गए और चार लोग घायल हुए थे।
- अगस्त 7 को सीबी रेलवे स्टेशन के पास बम धमाका हुआ, ट्रेन बाल-बाल बची।
- अगस्त 4 को कोलपुर में गनमैन ने ट्रेन पर गोलियां चलाई।
- जून में जैकबाबाद में रिमोट कंट्रोल IED ब्लास्ट से चार डिब्बे पटरी से उतर गए।
इन हमलों के लिए बलूच अलगाववादी समूहों को जिम्मेदार माना जाता है।
बलूचिस्तान में लगातार जफर एक्सप्रेस पर होने वाले हमले क्षेत्र में सुरक्षा चुनौतियों और अलगाववादी गतिविधियों को उजागर करते हैं। रेलवे और सुरक्षा बलों के लिए यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।





