by: vijay nandan
जम्मू-कश्मीर: 22 मई… वही दिन जब पहलगाम में आतंक ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया था। ठीक एक महीना हो गया है, लेकिन उस भीषण आतंकी हमले की तस्वीरें आज भी लोगों के ज़हन में ताज़ा हैं। पाकिस्तान से आए आतंकवादियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं थीं। इस हमले में 26 मासूम सैलानी मारे गए थे — वो लोग जो सिर्फ कश्मीर की खूबसूरती देखने आए थे।
इस वारदात ने पूरे देश को हिला दिया। यह पहली बार था जब आतंकियों ने सीधे पर्यटकों को निशाना बनाया। उन्होंने नाम और धर्म पूछकर लोगों को गोली मारी। बच्चों और महिलाओं को छोड़ दिया गया, लेकिन बाकी किसी को बख्शा नहीं गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस हमले की कड़ी निंदा हुई, लेकिन सबसे गहरा घाव तो पहलगाम और वहां के स्थानीय लोगों पर पड़ा।
#WATCH | J&K: Tourist footfall in Pahalgam remains extremely low even after a month of #PahalgamTerroristAttack. Tourist attractions, hotels, and streets appear deserted. pic.twitter.com/8DsFhGFTgq
— ANI (@ANI) May 22, 2025
पहलगाम में अब भी पसरा सन्नाटा, पर्यटक नहीं लौटे
आज इस हमले को एक महीना बीत चुका है, मगर हालात अब भी सामान्य नहीं हैं। जो पहलगाम कभी पर्यटकों से गुलजार रहता था, वहां अब होटल खाली हैं, सड़कों पर सन्नाटा है और मशहूर पर्यटन स्थल वीरान पड़े हैं।
स्थानीय लोगों की रोज़ी-रोटी ठप हो चुकी है। टूरिस्ट गाइड, टैक्सी चालक, टट्टू वाले — सबका काम बंद है।
#WATCH | Pahalgam, J&K: A local businessman, Mohammad Ashraf says, "…My main business pertains to vehicles, which is related to tourism. It has been a month since tourists were killed (in Pahalgam). This should not have happened. What those terrorists did should not have… pic.twitter.com/9bcenvueJO
— ANI (@ANI) May 22, 2025
स्थानीय व्यापारी मोहम्मद अशरफ बताते हैं,
“मैं गाड़ियों का किराया देकर अपना गुज़ारा करता हूं, लेकिन पिछले एक महीने से कोई पर्यटक ही नहीं है। हमारे पास गाड़ियां तो हैं, लेकिन कोई इन्हें लेने वाला नहीं। हमने इससे पहले भी आतंकवाद देखा है, लेकिन पहली बार पहलगाम में ऐसा हुआ है। उम्मीद है कि अमरनाथ यात्रा के दौरान कुछ राहत मिलेगी। सरकार पर भरोसा है कि सब कुछ फिर से पटरी पर लौटेगा।”
भारत ने ऑपरेशन ‘सिंदूर’ से दिया करारा जवाब
हमले के ठीक 15 दिन बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पीओके में मौजूद 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। इस एयर स्ट्राइक में लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों के ठिकानों को निशाना बनाया गया और 100 से अधिक आतंकियों को ढेर कर दिया गया।
पाकिस्तान ने जवाब में भारत पर ड्रोन और मिसाइल अटैक की कोशिश की, लेकिन भारतीय सेना ने न सिर्फ इस हमले को नाकाम किया बल्कि जवाबी कार्रवाई में 30-40 पाकिस्तानी सैनिकों को भी मार गिराया। साथ ही पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम और एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
#WATCH | J&K: Exchange of fire started between Security Forces and terrorists in the Singhpora area of Chatroo in Kishtwar today morning. Contact was established with terrorists at Chhatru, Kishtwar in the morning. Additional troops have been inducted, and operations are ongoing… pic.twitter.com/M1Ym5Le3TM
— ANI (@ANI) May 22, 2025
घाव अब भी ताज़ा है, लेकिन उम्मीदें ज़िंदा हैं
एक महीने बाद भी पहलगाम की वादियों में मातम है, लेकिन देशभर से लोग एकजुट हैं। हर नागरिक के दिल में उस हमले का दर्द अब भी ज़िंदा है। मगर उम्मीद यही है कि कश्मीर फिर से मुस्कुराएगा, पर्यटक लौटेंगे और जिंदगी दोबारा रफ्तार पकड़ेगी।





