BY: MOHIT JAIN
कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने ऑपरेशन ब्लू स्टार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह “बहुत बड़ी गलती” थी, जिसकी कीमत पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। चिदंबरम हिमाचल प्रदेश के कसौली में आयोजित खुशवंत सिंह लिटरेचर फेस्टिवल में बोल रहे थे, जहां उन्होंने इस ऐतिहासिक घटना पर खुलकर अपनी राय रखी।
“यह इंदिरा गांधी का अकेला फैसला नहीं था”

कार्यक्रम के दौरान चिदंबरम ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन ब्लू स्टार का निर्णय केवल इंदिरा गांधी का नहीं था, बल्कि यह कई एजेंसियों की संयुक्त सहमति से लिया गया था। उन्होंने कहा,
“इसमें सेना, पुलिस, खुफिया विभाग और सिविल सेवा सभी की सहमति शामिल थी। लेकिन दोष सिर्फ इंदिरा गांधी को दिया गया, जो कि उचित नहीं है।”
“स्वर्ण मंदिर को पाने का तरीका गलत था”
पी. चिदंबरम ने आगे कहा कि,
“मैं किसी भी सैन्य अधिकारी का अनादर नहीं करना चाहता, लेकिन वह (ब्लू स्टार) स्वर्ण मंदिर को पुनः प्राप्त करने का एक गलत तरीका था। कुछ वर्षों बाद हमने बिना सेना की मदद से इसे सही तरीके से हासिल करने का रास्ता दिखाया।”
पंजाब में खालिस्तान की मांग अब खत्म
चिदंबरम ने चर्चा के दौरान दावा किया कि आज पंजाब में खालिस्तान की मांग पूरी तरह समाप्त हो चुकी है।
उन्होंने कहा “यह नारा अब शांत हो चुका है। पंजाब की असली समस्या अब आर्थिक है, न कि अलगाववाद। बड़ी संख्या में लोग राज्य छोड़कर विदेशों में बस रहे हैं,”
किताब पर चर्चा के दौरान दी प्रतिक्रिया
चिदंबरम पत्रकार हरिंदर बावेजा की किताब ‘They Will Shoot You, Madam’ पर चर्चा में शामिल हुए थे। यह किताब ऑपरेशन ब्लू स्टार और उसके बाद की परिस्थितियों पर आधारित है। इसी चर्चा के दौरान उन्होंने यह टिप्पणी की, जिसने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
पी. चिदंबरम का यह बयान एक बार फिर ऑपरेशन ब्लू स्टार जैसे संवेदनशील विषय को चर्चा में ले आया है। जहां एक ओर उन्होंने इसे “गलती” बताया, वहीं यह भी स्पष्ट किया कि यह निर्णय सामूहिक था, न कि केवल इंदिरा गांधी का। उनका मानना है कि पंजाब आज एक नई दिशा में आगे बढ़ चुका है।





