Mohit Jain
Ola-Uber News: जल्द ही ओला, उबर और रैपिडो जैसे कैब एग्रीगेटर एप्स में राइड बुक करते समय यात्रियों को सेम जेंडर ड्राइवर चुनने का विकल्प मिलेगा। खासतौर पर महिला यात्रियों के लिए फीमेल ड्राइवर चुनने की सुविधा दी जाएगी। इसके साथ ही ट्रिप पूरी होने के बाद ड्राइवर को टिप देने का विकल्प भी मिलेगा, जिसकी पूरी रकम ड्राइवर को ही दी जाएगी।
सरकार ने यह बदलाव मोटर व्हीकल एग्रीगेटर्स गाइडलाइंस, 2025 में संशोधन कर किए हैं। इनका मकसद यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना, खासकर महिला पैसेंजर्स को ज्यादा सुरक्षित अनुभव देना है।
कब से लागू होगा सेम जेंडर ड्राइवर का नियम
नए नोटिफिकेशन में किसी स्पष्ट प्रभावी तारीख का उल्लेख नहीं किया गया है। ऐसे में इसे जारी होने की तारीख से ही प्रभावी माना जा रहा है।
जुलाई 2025 में जब मूल गाइडलाइंस जारी की गई थीं, तब राज्यों को इन्हें लागू करने के लिए तीन महीने का समय दिया गया था। संशोधित गाइडलाइंस के लिए भी इसी तरह की समय-सीमा दी जा सकती है, हालांकि फिलहाल कोई फिक्स्ड टाइमलाइन तय नहीं की गई है।

कैसे लागू होगा नया नियम
ये गाइडलाइंस केंद्र सरकार की ओर से जारी की गई हैं, जिन्हें राज्य सरकारें अपनी लाइसेंसिंग प्रक्रिया में शामिल करेंगी।
कैब एग्रीगेटर कंपनियों को अपने एप्स में जरूरी बदलाव करने होंगे। क्लॉज 15.6 के तहत सेम जेंडर ड्राइवर चुनने का फीचर जोड़ना अनिवार्य होगा।
लाइसेंस बनाए रखने या रिन्यू कराने के लिए कंपनियों को इन नियमों का पालन करना जरूरी होगा। नियमों का उल्लंघन होने पर लाइसेंस सस्पेंड या रद्द किया जा सकता है।
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महिला ड्राइवरों की कमी बन सकती है चुनौती
सरकार के इस फैसले पर इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स ने चिंता जताई है। कैब एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, देश में कुल कैब ड्राइवरों में महिला ड्राइवरों की हिस्सेदारी 5% से भी कम है।
ऐसे में सेम जेंडर ड्राइवर का विकल्प व्यावहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। महिला ड्राइवरों की कमी के कारण खासकर देर रात के समय बुकिंग में वेटिंग टाइम बढ़ सकता है। उबर, ओला और रैपिडो ने फिलहाल इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
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टिप का 100% पैसा ड्राइवर को मिलेगा
सरकार ने टिपिंग से जुड़े नियमों को भी ज्यादा पारदर्शी बना दिया है।
- सफर के बाद ही टिप: यात्री केवल ट्रिप पूरी होने के बाद ही ड्राइवर को टिप दे सकेंगे।
- कोई कटौती नहीं: दी गई पूरी टिप सीधे ड्राइवर के खाते में जाएगी, कंपनी कोई कमीशन नहीं काटेगी।
- भ्रामक तरीका नहीं: कंपनियां टिप के लिए किसी तरह का मैनिपुलेटिव या भ्रामक तरीका इस्तेमाल नहीं कर सकेंगी, जो उपभोक्ता संरक्षण कानून के खिलाफ हो।





